सेवापुरी के राजकीय महाविद्यालय में राज्य स्तरीय एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ

सेवापुरी ।। पं दीनदयाल उपाध्याय राजकीय बालिका महाविद्यालय सेवापुरी वाराणसी में आज राजनीति विभाग एवं आई क्यू ए सी के संयुक्त तत्वावधान में  राज्यस्तरीय एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसके प्रथम सत्र में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, राजनीति विज्ञान विभाग के प्रख्यात प्रोफ़ेसर रजनी रंजन झा ने आयोजित विषय' विधान परिषद की प्रासंगिकता: स्नातक खण्ड निर्वाचन के विशेष संदर्भ में' - पर अपना सारगर्भित  व्याख्यान प्रस्तुत किया, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत में संसदीय व्यवस्था के अन्तर्गत द्विसदनात्मक व्यवस्था लागू है और राज्य स्तर पर भी कतिपय बड़े राज्यों में भी लागू है, जिसमें एक सदन विधानसभा है, जिसके सदस्यों का निर्वाचन आम जनता द्वारा होता है और दूसरा सदन विधानपरिषद है, जिसके कुछ सदस्य मनोनीत होते हैं, जो  विभिन्न क्षेत्रों में  ख्यातिलब्ध होते हैं, कुछ सदस्यों का चुनाव स्नातक शिक्षितों द्वारा  किया जाता है। उच्च सदन, जिसे विधानपरिषद भी कहा जाता है - के सदस्य योग्य एवं विभिन्न क्षेत्रों में ख्यातिलब्ध होते हैं, जिनसे राज्य और नागरिकों के हितों के सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है, किन्तु वर्तमान व्यवस्था के अन्तर्गत विधान परिषद के अधिकार सीमित हो गये हैं और निचले सदन ने उच्च सदन के अधिकारों को अतिक्रमित कर दिया है। आज आवश्यकता इस बात की है कि दोनों सदनों को स्वतंत्र एवं एक समान अधिकार प्राप्त हों, जिससे राज्य और नागरिकों के हितों को सुरक्षित रखा जा सके।

   सेमिनार के दूसरे सत्र में  वाराणसी के  पूर्व एम एल सी और सांसद डॉ राजेश मिश्र ने अपने व्याख्यान में कहा कि संविधान निर्माताओं ने जिस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विधानपरिषद की परिकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया, उन उद्देश्यों के जमींदोज होते देखकर आत्मिक कष्ट होता है, आज संवैधानिक स्वतन्त्रता पर राजनैतिक स्वच्छन्दता आच्छादित होती जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।  डॉ मिश्र ने  आगे कहा कि शिक्षा का निजीकरण और बाजारीकरण   राज्य और नागरिक हित में कदापि नहीं है, शिक्षा के बाजारीकरण को रोकना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, उन्होंने विधानपरिषद की प्रासंगिकता को बखूबी रेखांकित किया।

     कार्यक्रम का शुभारंभ  राजकीय महिला महाविद्यालय चंदौली की  प्राचार्या और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ सविता पाढी एवं  महाविद्यालय की प्राचार्या  डॉ यशोधरा शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया, तदुपरान्त महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ यशोधरा शर्मा ने  आगंतुक अतिथियों का स्वागत वाक्, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्रम् द्वारा किया, जबकि बीज व्याख्यान डॉ रविप्रकाश गुप्त ने किया। सेमिनार को  डॉ संजय कुमार तिवारी बी एच  यू, वाराणसी,  इं राहुल सिंह,  संजीव , डॉ एस पी मिश्रा आदि ने संबोधित किया। डॉ कमलेश कुमार वर्मा, डॉ एस एन वर्मा, डॉ निमिषा गुप्ता डॉ आर के गौतम, डॉ अर्चना गुप्ता, डॉ सर्वेश कुमार सिंह, डॉ घनश्याम कुशवाहा, डॉ कमलेश कुमार सिंह आदि की  उपस्थिति सार्थक रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ सौरभ सिंह और धन्यवाद ज्ञापन सुश्री गीता रानी शर्मा ने किया।

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