निर्दोष हत्या के आरोपी की करों भरपाई, पुलिस को कोर्ट का फटका

भिवंडी ।। भिवंडी तालुका के गणेशपुरी पुलिस स्टेशन सीमांतर्गत में हुई एक हत्या की सुनवाई करते हुये ठाणे सत्र न्यायालय ने हत्या के तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव बरी कर दिया.निर्दोष आरोपियों द्वारा जांच अधिकारी से एक रुपया नुकसान भरपाई करने की मांग पर न्यायाधीश ने पुलिस अधिकारियों के वेतन से प्रत्येक आरोपियों को एक-एक रुपया नुकसान भरपाई करने का आदेश दिया है ।
         
गौरतलब हो कि पूर्व सात जनवरी २००७ को वसई निवासी इकबाल उर्फ़ पप्पू जमील सैय्यद की हत्या कर दी गई थी. जिनका शव दूसरे दिन गणेशपुरी पुलिस स्टेशन अंतर्गत मोरी क्षेत्र में मिला था.जिसकी सूचना गणेशपुरी पुलिस ने नालासोपारा पुलिस को दी थी. जिसके बाद मृतक इकबाल के परिवार वालों ने उसकी शिनाख्त भी किया था.मृतक के पिता जमील सैय्यद ने इकबाल को धमकी देने वाले सत्यनारायण मिश्रा उनके भाई शंकर मिश्रा पुत्र संजय मिश्रा व संतोष उर्फ़ पप्पू मिश्रा एवं मैनेजर व विरेंन्द्र मिश्रा और नंबी तेवर के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाया था. पुलिस ने जमील सैय्यद की शिकायत पर बिल्डिंग मैटेरियल का व्यवसाय करने वाले सत्यनारायण मिश्रा,शंकर मिश्रा,संजय मिश्रा एवं संतोष मिश्रा सहित उनके मैनेजर वीरेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था. हत्या के बाद ही नंबी तेवर फरार हो गया था.गणेश पुरी पुलिस मिश्रा परिवार को तो गिरफ्तार कर ली लेकिन नंबी तेवर को तलाश नहीं कर पाई ।
         
 पांच महीने के बाद मिश्रा परिवार को जमानत मिली. उस दौरान उनका नार्को टेस्ट भी कराया गया था. न्यायालय में सुनवाई चल ही रही थी कि सत्यनारायण मिश्रा की मौत हो गई और मैनेजर वीरेंद्र मिश्रा की दुर्घटना में मृत्यु हो गयी. हत्या के मामले में जांच अधिकारी आर.बी.मोरे एक तरफ मिश्रा परिवार के विरोध में कोई साक्ष्य नहीं दे पाये. वहीं दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकील कैसर अंसारी ने न्यायालय को बताया कि मृतक और नंबी तेवर हत्या की रात बार में बैठे थे. जिसके बाद नंबी तेवर फरार हो गया था और दूसरे दिन गणेशपुरी पुलिस स्टेशन सीमांतर्गत इकबाल का शव मिला था.न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बचे हुये तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है .तथा न्यायाधीश ने फरार आरोपी नंबी तेवर को गिरफ्तार करने का आदेश पुलिस को दिया है । 

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