स्टेशन परिसर को नहीं किया जाता है साफ-सफाई, लोगों में भय व्याप्त

बिहार बताते चलें कि  वैश्विक महामारी को लेकर अन्य प्रांतों से श्रमिकों को वापस लाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है जिसके लिए बसें अन्य जिलों से स्टेशन पर श्रमिकों को लेने के लिए आते हैं तथा श्रमिकों वापस ले जाने के क्रम में स्टेशन परिसर के बाहर  श्रमिक भरे बस को स्टेशन के बाहर लगा दिया जाता है। श्रमिकों को ले जाने की  प्रक्रिया पूरी करने के लिए  बसों को घंटों खड़ा रखा जाता है।  इधर श्रमिक खाना खाकर और पानी पीकर  पैकेट एवं बोतल को जहां-तहां फेंक दिया जाता है। साथ ही इधर उधर यूरिन कर देते हैं।  अत्र तत्र थूक भी कर देते हैं।_जिससे आसपास के क्षेत्र के लोगों में कोरोना फैलने का भय फैला हुआ है। साफ- सफाई के संबंध में मौजूद पदाधिकारियों द्वारा पूछने पर बताया जाता है कि, हम लोग अन्य जिलों  से आए हैं। इसके बारे में कुछ कह नहीं सकते हैं। आप अपने स्थानीय स्वशासन नगर निगम को इसके बारे में बताइए। ज्ञात हो कि स्टेशन पर श्रमिक ट्रेन आने के पूर्व स्टेशन परिसर को पूर्ण रूप से सैनिटाइज तथा साफ-सफाई किया जाता है। लेकिन आसपास के क्षेत्रों में सेनीटाइज तो दूर साफ-सफाई भी नहीं किया जाता है। शंकर रावत,  गणेश यादव , विपिन यादव , महेंद्र यादव  , नरेश दास आदि ने इस समस्या के बारे में वार्ड पार्षद को मौखिक जानकारी दी  है । लेकिन अभीतक कोई व्यवस्था नगर निगम की ओर से नहीं किया गया है।_

रिपोर्टर

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