प्रोफ़ेसर डॉक्टर शफाअत इमाम नवाजे गए भदोही रत्न से

भदोही। कालीनों के लिए मशहूर भदोही शहर की मिट्टी से निकल कर मेडिकल क्षेत्र में डाईबिटीज़ की रोकथाम के लिए उल्लेखनीय योगदान देकर विश्व मेडिकल जनरल में स्थान मिलने के साथ-साथ हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में प्रोफ़ेसर की उपाधि मिलने पर प्रोफ़ेसर डॉ. मो. शफाअत इमाम सिद्दीकी के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।


यह आयोजन नगर के चौरी रोड स्थित रहीम एंड सन्स कालीन प्रतिष्ठान में हुआ। जिसमे प्रोफ़ेसर डॉ. सिद्दिकी को भदोही रत्न के खेताब से नवाज़ा गया। इस दौरान श्री सिद्दीक़ी के पिता वरिष्ठ कालीन निर्यातक एवं समाजसेवी हाजी यूसुफ़ इमाम सिद्दीक़ी ने कहा कि मेरा सपना था की मैं अपने एक बेटे को डॉ.बनाऊं। उस सपने को मेरे छोटे पुत्र शफ़ाअत इमाम सिद्दीक़ी ने पूरा कर दिया। चिकित्सक बनने के बाद वो कई साल तक दिल्ली के बड़े हास्पिटलों में अपनी सेवा देते रहे लेकिन अपने शहर की मिटटी व अपनों का प्यार उन्हें यहाँ खिंच लाई। और वे वाराणसी स्थित हेरिटेज इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बतौर एसोसिएट प्रोफ़ेसर के पद पर तैनात रहे। इनकी कार्य कुशलता को देखते हुए इंस्टिट्यूट ने पदोन्नति करते हुए प्रोफ़ेसर के पद पर तैनात किया। कार्यक्रम में भारी भीड़ को देख हाजी यूसुफ़ इमाम सिद्दीक़ी भाउक हो उठे। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता था कि मेरे परिवार व मेरे बेटे से लगाव रखने वालो की इतनी लंबी तायेदाद है। उन्होंने सभी का शुक्रिया अदा किया। बताया कि प्रो.डॉ.शफ़ाअत इमाम सिद्दीक़ी की पदोन्नति के साथ ही बहु को भी पदोन्नति मिली है। अब वह भी प्रोफ़ेसर बन गई है। श्री सिद्दीक़ी ने लोगो से कहा की अपने बच्चों को खूब पढ़ायें और उन्हें अच्छी तालीम दें। लड़की और लड़के में भेदभाव न रखें। उन्होंने कहा कि मेरी एक बेटी बीडीएस करने के बाद उच्च शिक्षा ले रही है। प्रो.डॉ.शफ़ाअत इमाम सिद्दीक़ी को नसीहत देते हुए कहा कि पैसे के पीछे न भागें गरीबो की सेवा करते रहें। वहीँ प्रो.डॉ.शफ़ाअत इमाम सिद्दीक़ी अपनी स्वागत व अभिनन्दन को देख भाउक हो उठे। बोलते-बोलते कुछ देर के लिए उनकी आवाज़ रुक गई। लेकिन अपने को संभालते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के समय मेरे परिवार ने जो मुझे प्यार मोहब्बत दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता। अपने माँ बाप चाचा व भाइयों द्वारा दी गई मोहब्बत को उन्होंने ब्यान किया। साथ ही बाल्य अवस्था से कंधे से कंधा मिला कर चलने वाले अकील अंसारी व इरफ़ान अंसारी की उन्होंने खूब तारीफ़ की। भदोही रत्न उपाधि को उन्होंने अपने पिता को सौंप दिया। और कहा कि इस उपाधि के असली हक़दार मेरे वालिद हैं। जिन्होंने मुझे इस लायक बनाया। वहीँ कार्यक्रम के आयोजक ओजैर महमूद अंसारी व ओमैर महमूद अंसारी ने कहा कि अब इस तरह का कार्यक्रम प्रतिवर्ष किया जाएगा। कालीन नगरी के प्रतिभा वालो का सम्मान कर उनकी प्रतिभा को निखारने का प्रयास जारी रहेगा। अंसारी द्वय ने कहा कि प्रो. डॉ. शफ़ाअत इमाम सिद्दीक़ी एक नेक डॉ.है जो गरीबो व परिशाने हाल लोगो का इलाज निःशुल्क करते है। इसके लिए वह बधाई के पात्र है। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष मो.आरिफ सिद्दीक़ी, पूर्व विधायक ज़ाहिद बेग, ब्लॉक प्रमुख प्रशांत सिंह, एकमा मानद सचिव हाजी शाहिद हुसैन अंसारी, मुख्तार हाश्मी, संगीता खन्ना, डॉ.पीएस दुबे, डॉ.हफीजुल्लाह खां, डॉ.मुमताज़ अहमद, डॉ.अफरोज अंसारी, डॉ. जावेद सिद्दीक़ी, डॉ.शादाब अंसारी, डॉ.आसिफ सिद्दीक़ी, लईक अहमद, सुहेल अंसारी, शमीम अंसारी, आफ़ताब अंसारी, मेराजुद्दीन खां, इरफ़ान सिद्दीक़ी, भोला डायर, फैजी सिद्दीक़ी,  सभासद दानिश सिद्दीक़ी, हसीब खां, खुर्रम अंसारी, राजेश जायसवाल, फरहान सिद्दीक़ी, सहित हाजी इश्तियाक अहमद सिद्दीक़ी, हाजी एहतेशाम अहमद सिद्दीक़ी, हाजी शफक़त इमाम सिद्दीक़ी, सबीह सिद्दीक़ी, नदीम अख्तर सिद्दीक़ी, वसीम अख्तर सिद्दीक़ी, सना सिद्दीक़ी, अली सिद्दीक़ी आदि लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन रेहान हाश्मी ने किया ।

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