भदोही 2019 के लोकसभा चुनाव में शिव के नंदी, देवी के शेर का करेंगे मुकाबला?

भदोही 2019 के लोकसभा चुनाव में शिव के नंदी, देवी के शेर का करेंगे मुकाबला?


 *संसदीय सीट भाजपा को जिताने की चुनौती.*


*--रिपोर्ट-राममोहन अग्निहोत्री--.*


ज्ञानपुर, भदोही।भाजपा ने मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के कंधों पर लोकसभा 2019 के चुनाव संचालन समिति की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। भाजपा पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार इस कड़ी में भदोही में प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी को जिम्मेदारी दी गयी है। आज लखनऊ में हुई भाजपा प्रदेश संगठन की बैठक में यह जिम्मा सौंपा गया भदोही संसदीय सीट भाजपा के लिए वर्ष 2019 टेढ़ी खीर साबित हो सकती है सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव के सिपहसालारों पूर्व मंत्री रामरति बिंद सपा पार्टी के तेजतर्रार पूर्व विधायक जाहिद बेग भदोही नगर समेत भदोही जनपद के मुस्लिम मतदाताओं में गहरी पैठ रखने वाले पूर्व भदोही नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष एवं वर्तमान समाजवादी पार्टी के जिला 

अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ  सिद्दीकी डॉ. आर के पटेल पूर्व औराई विधानसभा क्षेत्र की सपा विधायक रही मधुबाला पासी समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य कुंवर प्रमोद चंद्र मौर्य ,युवा सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र यादव,   कमला  शंकर महतो समाजवादी पार्टी की जनता में गहरी पकड़ बनाए रखने और जन समस्याओं से जुड़ी तमाम समस्याओं को लेकर जिस प्रकार से जनता में समाजवादी पार्टी का परचम लहराने एवं उनकी नीतियों को जन-जन में पहुंचाने का सभाओं, मतदाता सूची में नाम बड़वाने के कार्यक्रम से लेकर गरीब मजलूम एवं कमजोर वर्ग के लोगों को सपा से जोड़ने के कार्यक्रम के मिशन को लेकर जिस शानदार ढंग से समाजवादी पार्टी की नींव को मजबूत करने का काम कर रहे हैं इसे देखकर ऐसा लगता है समाजवादी पार्टी भदोही संसदीय लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी टक्कर देगी! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लहर में चुनाव की वैतरणी पार कर गए वर्तमान सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के लिए इस बार वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा का रूलिंग सांसद होने के नाते दोबारा टिकट मिलने पर काफी संघर्ष से भरा होगा। भाजपा जिले के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से तिलमिलाये  कार्यकर्ताओं का भाजपा के प्रति मोह भंग होना समाजवादी पार्टी के अभेद्य दुर्ग को तोड़ पाना भाजपा के लिए काफी मुश्किलों भरा होगा। जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है वर्तमान में भदोही संसदीय सीट से लेकर अपवाद ज्ञानपुर विधानसभा सीट को छोड़ कर भदोही विधानसभा औराई विधानसभा सीट पर सांसद से लेकर विधायकों तक भाजपा का पलड़ा भारी है। वर्ष 2014 के पूर्व भदोही जिले में कभी समाजवादी पार्टी का लोकसभा एवं भदोही जनपद के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में दबदबा हुआ करता था ऐसे में समाजवादी पार्टी के पूर्व पुरोधा एवं वर्तमान में समाजवादी सेकुलर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के करीबी ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक पंडित विजय मिश्रा जिनके हाथों में वर्ष 1985 से वर्ष 2014 तक सपा पार्टी की बागडोर हुआ करती थी सपा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से अनबन होने के बाद राष्ट्रीय निषाद पार्टी के बैनर पर चुनाव लड़कर चौथी बार विधायक बने विधायक विजय मिश्रा बिना शर्त वर्तमान समय में भाजपा पार्टी को अपना समर्थन जारी किए हुए हैं और निषाद  निषाद पार्टी से जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है जिस प्रकार से राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी के घटनाक्रम चल रहे हैं भाजपा को हराने के लिए बसपा सपा सेकुलर मोर्चा कांग्रेस रालोद तथा अन्य राजनीतिक पार्टियों के महागठबंधन से बनी नई पार्टी के सीटों के बंटवारे और समझौतों के फलस्वरूप लोकसभा चुनाव के टिकट पर एक राय कायम हुई तो ज्ञानपुर विधानसभा के विधायक पंडित विजय मिश्रा की भूमिका लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी के जीत हार के लिए काफी अहम साबित होगी।

*संगठन के बड़े पदाधिकारियों कोमिलीजिम्मेदारी,--.*''महेन्द्रनाथ पांडे पर वाराणसी, चंदौली का जिम्मा.सुनील बंसल को सहारनपुर, डुमरियागंज का जिम्मा.केशव मौर्य को रामपुर और वाराणसी का जिम्मा.मैनपुरी की जिम्मेदारी भी केशव मौर्य के पास एस.पी. सिंह बघेल को बागपत, *अलीगढ़* का जिम्मा.दिनेश शर्मा को आगरा, मुरादाबाद काजिम्मा.सिद्धार्थनाथ कौशाम्बी, सुरेश खन्ना को गाजियाबाद,.रीता जोशी को सीतापुर, जौनपुर का जिम्मा.ब्रजेश पाठक को गाजीपुर, अंबेडकरनगर का जिम्मा.स्वामी प्रसाद मौर्या को बस्ती, बदायूं का जिम्मा.संदीप सिंह को पीलीभीत, सहारनपुर की जिम्मेदारी.महेन्द्र सिंह पर गौतमबुद्धनगर की जिम्मेदारी.श्रीकांत शर्मा को बलिया और *फिरोजाबाद* का जिम्मा.रमापति शास्त्री महाराजगंज, गिरीश यादव मिर्जापुर.आशुतोष टंडन प्रयागराज, सुरेश पासी को *एटा.*सतीश महाना गोंडा, जय प्रताप सिंह सुल्तानपुर.धर्मपाल सिंह को बांदा,गोरखपुर का जिम्मा.सुरेश राणा को *उन्नाव, फैजाबाद* का जिम्मा मिला.अनिल राजभर को सलेमपुर और घोसी की जिम्मेदारी.अनुपमा जायसवाल को कुशीनगर और देवरिया का जिम्मा.स्वाति सिंह को प्रतापगढ़ और फूलपुर काजिम्मा.नंदगोपाल नन्दी को भदोही, रायबरेली की जिम्मेदारी दी गयी है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट