सूर्यदेव को अर्ध्य देने के साथ ही छठ पूजा का समापन

*सूर्यदेव को अर्ध्य देने के साथ ही छठ पूजा का समापन*

रिपोर्ट-राम मोहन अग्निहोत्री
*क्रासर:-*भोर से ही नदियों,सरोवरों पर रही श्रद्धालु महिलाओं की भीड़*.

ज्ञानपुर,भदोही।बुधवार को आकाश में पूर्व दिशा से सूर्यदेव की लालिमा छिटकते ही जनपद के विभिन्न कुंडों-सरोवरों व नदियों के तटों पर असंख्य  व्रतियों ने अपार आस्था के साथ ज्योही अर्ध्य अर्पित करना शुरू किया , पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा । धूप अगरबत्ती की सुगंध और हवा के झोंके भक्ति की शक्ति से भरते कर्णप्रिय छठ गीतों के सु मधुर स्वरों और विद्युत रोशनाईं से सरोवरों और गंगा घाटों की छटा ही निराली लग रही थी । मानो गंगा घाटों ,सरोवरों आदि पर आस्था का जैसे सप्तसागर ही उमड़ पड़ा हो । भक्त और भगवान रवि  के अन्नय भक्तिभाव का यह दृश्य चार दिवसीय महापर्व के समापन का था।ज्ञात हो कि ज्ञान सरोवर सहित गोपीगंज नगर के रामपुर गंगाघाट, सीतामढ़ी , सेमराधनाथ आदि स्थानों पर आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था ।अधिसंख्य भक्त मनोकामना पूर्ण होने का संकेत देते ढोल-ताशे के संगीत पर नृत्य करते हुए घाटों की ओर जा रहे थे । गंगा घाटों पर पहुंचे भक्तों ने अपने-अपने स्थानों पर बेदी बनाकर पहले विधि विधान से पूजन किया। इसके पश्चात डलिया में रखे फल-पुष्प को ले जाकर गंगा जल में उतर गए और भगवान दिनकरके उदित होने की प्रतीक्षा करने लगे । जैसे ही भगवान दिनकर की लालिमा आकाश में दिखाई दी ,कि डलिया से भरे अलग-अलग फल-फूल और व्यंजन अर्पित कर श्रद्धालु शरणागत हो गए। इसी प्रकार रामपुर गंगा घाट पर अपार आस्था से भरा अलौकिक दृश्य  देखते ही बन रहा था। भगवान भास्कर के दर्शन के लिए उमडी़ आस्था मानो कुछ देर के लिए परीक्षा में तब्दील हो गई। भगवान भाष्कर का दर्शन होते ही व्रतियों ने अर्ध्य दिया । इस दौरान धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित किया गया। इसके साथ ही चार दिवसीय व्रत का महिलाओं ने पारण किया । सुरक्षा  के मद्देनजर पुलिस गंगाघाटों पर तैनात रही।चौकी का पुलिस क्षेत्राधिकारी रामकरन और प्रभारी निरीक्षक गोपीगंज शेषधर पांडेय लगातार घाटों पर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे । बता दें कि अर्ध्य के लिए भोर से महिलाओं पुरुषों सहित बच्चों की भीड़ जगह-जगह उमड़ पड़ी थी।ज्ञानपुर नगर के ज्ञांसरोवर तालाब पर मेले जैसा दृश्य था, और यहां पूजा सामग्री, फल-फूल की दुकानें लगी रही । भोर में जैसे ही आकाश में भगवान भास्कर की लालिमा छाई छठी मैया के जयकारे के साथ दूसरा अर्ध्य दिया गया। पानी में खड़ी महिलाओं ने पूजन सामग्री से भरे सूप को हाथ में लेकर पूजन अर्चन किया। वहीं घाट पर मौजूद अन्य महिलाएं व लड़कियां छठी मैया का  गीत गाने लगी ।इसके बाद एक-एक कर घाट पर मौजूद पुरुष बच्चे व महिलाओं ने अर्ध्य दिया । कुछ लोगों ने गाय के दूध से भी अर्ध्य दिया। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया ।प्रसाद लेने के लिए घाटों पर लोगों की काफी भीड़ रही ।कुछ महिलाएं तो आंचल फैलाकर व्रती महिलाओं से प्रसाद में कुछ मांग रही थी।कुछ मांग में सिंदूर लगवाकर पैर छू रही थीं।इसके साथ ही जमकर आतिशबाजी हुई।

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