राज्य सूचना आयोग ने डीएम भदोही के ऊपर लगाया एक लाख का जुर्माना

ज्ञानपुर, भदोही ।। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने भदोही के जिलाधिकारी पर 25-25 हजार रुपये का का चार केसों में जुर्माना लगाया। जिलाधिकारी भदोही के कार्यालय में कई बिन्दुवो पर शिकायत के प्रत्युत्तर पर की गयी कारवाई की सूचना मांगी गई थी, जिस पर उनके कार्यालय के द्वारा लापरवाही करते हुए सूचना में हिला हवाली करने पर आयोग ने जवाब तलब करते हुए जुर्माना लगते हुए वसूली का पत्र भेजा है। यह सूचनाएं तहसीलदार औराई एवम् उपजिलाधिकारी औराई के द्वारा विवादित स्थल आबादी श्रेणी ६[२] की भूमि पर कारवाई करने हेतु की गयी शिकायत और उस पर जिलाधाकारी के स्तर पर की गयी कारवाई की प्रति, तहसीलदार ज्ञानपुर के द्वारा विलंबित आख्या रिपोर्ट पर जिलाधिकारी क्र स्तर से की गयी कारवाई, सारीपुर महदेपुर पर स्थित तालाब व पोखरों की चौह्ह्दी पर शिकयातोपरांत की गयी कारवाई की सूचना आरटीआई कार्यकर्ता उमाशंकर मौर्य के द्वारा मांगी गयी थी। निर्धारित समय के भीतर सूचनाएं न मिलने पर उन्होंने प्रथम अपीलोपरांत आयोग का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सूचना मांगे जाने के बाद तत्कालीन जिलाधाकारी का तबादला अन्यत्र जनपद हो गया था,और यह जिम्मेदारी नए जिलाधिकारी पर आ गई थी। इस बात को समझते हुए राज्य सूचना आयुक्त सैय्यद हैदर अब्बास रिजवी ने जब जिलाधिकारी कार्यालय को नोटिस उपस्थिति हेतु भेजा, परंतु नोटिस मिलने के उपरांत भी आयोग के 3 तिथि तक संबंधित जनसूचना अधिकारी/जिलाधिकारी कार्यालय के द्वारा ना कोई जवाब ही भेजा गया ना कोई स्पष्टीकरण देते हुए उपस्थिति दर्ज कराई गई थी। जिस पर आयोग ने यह स्पष्ट आदेश लिखा कि पर्याप्त समय होते हुए भी वादी को समस्त सूचनाएं ना प्राप्त कराना, प्राप्ति का साक्ष्य सहित आयोग मे ना देना। कई बार नोटिस देने के उपरांत भी किसी भी प्रकार का कोई स्पष्टीकरण ना देने पर उनके ऊपर 25000/ 25000 रुपये के 04 फाइलो में अर्थदंड आरोपित करते हुए शासन को व स्वत; जिलाधिकारी भदोहीके साथ ही साथ एवं कोषाधिकारी भदोही को उनके वेतन से 03 मासिक किस्तों में कटौती करने हेतु पत्र भेजा है। परन्तु बात यहाँ पर उलझ गयी कि अभी तक कटौती नहीं किया गया है और यक्ष प्रश्न यह है कि स्वत; जिलाधिकारी भदोही कैसे अपने वेतन से कटौती कराएँगे या नहीं करा पाएंगे।

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