माँ की मृत्यु की खबर सुनने के बाद भी नही रुके उसके हाथ

जौनपुर । आज भी कुछ लोग अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि मानते हैं। रिश्ते, नाते उनके लिए बाद में, पहले निष्ठा व ईमानदारी से काम ऐसी ही एक मिसाल शनिवार को देखने को मिली समाचार पत्र विक्रेता फूलचंद पाल के मां का शव दरवाजे पर पड़ा रहा गमों का सागर सिने में दबाए उन्होंने हर दरवाजे तक समाचार पत्र पहुंचाने का काम किया पता चलने के बाद लोगों ने उनकी निष्ठा की भूरि भूरि प्रशंसा की। 

       सुरियावां थाना क्षेत्र भोरी गांव निवासी फूलचंद प्रतिदिन की भांति सुरियावां शनिवार की भोर में ही पहुंच गए थे। समाचार पत्र लेने के बाद जैसे ही वितरण का कार्य शुरु किया। इस बीच, घर से खबर आई कि मां सहदेई अब इस दुनिया में नहीं रही। जननी के जाने की खबर के बाद समाचार पत्र विक्रेता पर टूटों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन उन्होंने पाठकों के हित को सर्वोपरि मानते हुए पाली तक साइकिल से ही जाकर अखबार बांटा और फिर मां की अर्थी उठाई। घटना की जानकारी के बाद हर किसी ने फूलचंद के कर्तव्यनिष्ठा को सराहा। 

रिपोर्टर

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