यमराज के हाथों से बचाई मुसाफिर की जान, बोइईसर स्टेशन पर आरपीएफ का जवान बना महाकाल

पालघर ।। जाकों राखै साईयां मार सके न कोय.। यह कहावत फिर से चरितार्थ हुई है। पश्चिचम रेलवे के बोईसर रेलवेज स्टेशन पर जहां शनिवार दोपहर तत्परता से विवेक एवं चतुराई का परिचय देते हुए डियूटी पर तैनात आरपीएफ के एक जवान ने यमराज के हाथ से महाकाल बनकर मुसाफिर की जान बचा ली है। आज सर्वत्र जवान की कार्यकुशलता की शाबाशी मिल रही है।

      ●आरपीएफ का जवान बना यमराज के समक्ष महाकाल●

        हुआ यूँ कि शनिवार को दोपहर तकरीबन 15:43 बजे बोईसर स्टेशन के  प्लेटफार्म नंबर -02 पर सवारी गाड़ी संख्या 59439 डाउन अहमदाबाद पैसेंजर बोईसर स्टेशन से प्रस्थान कर रही थीं कि एक मुसाफिर उतरते समय शारीरिक संतुलन खोने पर चलती गाड़ी से नीचे गेट के रोड को पकड़ के 20-25 फ़ीट तक घसीट रहा। स्टेशन पर मानसून बंदोबस्त पर  प्लेटफार्म नंबर-2/ 3 पर तैनात आरपीएफ कान्स्टेबल संदीपकुमार बागुल की अचानक निगाह मुसाफिर की ओर पड़ी। फिर क्या था आरपीएफ जवान ने ताबड़तोड़ दौड़ लगाते हुए  हाथ पकड़कर मुसाफिर को सुरक्षित प्लेटफार्म साइड में खींच लिया,जिससें मुसाफिर की जान बच गई। जवान ने मुसाफिर को आराम से लिटा कर उसकी हालत का जायजा लेते हुए आरपीएफ कार्यालय बोईसर लाया गया।प्राथमिक उपचार के बारे में पूछने पर यात्री ने बताया कि वह सुरक्षित है।कार्यालय में उपस्थित उप निरीक्षक रोहितास सिंह द्वारा पूछने पर यात्री ने अपना नाम लखन कुमार राजन साह उम्र ( 24 ) अवध नगर,चेतना होटल के पास बोईसर बताया है। लखन ने आरपीएफ को बताया कि वह अपने भाई नरेंद्र राजन साह को छोड़ने के लिए बोईसर प्लेटफार्म टिकट नंबर-X-78808363 अहमदाबाद पैसेंजर कोच में आया और उसी समय ट्रेन चलने शुरू हो गई ।चलती ट्रेन से हड़बड़ाहट में उतरने की वजह से गेट पर घसीटता रहा। 

      ◆मौजूद लोगों दे रहे आरपीएफ जवान को शाबाशी●

        मजें कि बात यह है कि  तत्परता से विवेक का परिचय देकर आरपीएफ कांस्टेबल संदीप कुमार की मुस्तैदी के चलते समय रहते लखन की जान बच गई है। मुसाफिर लखन ने आरपीएफ स्टाफ का आभार व्यक्त किया। वहीं वहां मौजूद तमाम मुसाफिरों ने यह माना है कि वास्तव में काल के गाल से महाकाल बना जवान ने बड़ा सराहनीय कार्य किया है।

रिपोर्टर

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