हज यात्रा के दूसरे दिन चार उड़ानों से 638 हज ज़ायरीन जेद्दा रवाना

रिपोर्ट-हैदर संजरी

भदोही।। हज हाउस में हज जायरीनों को रवाना करने के लिए अंतराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ऑल इंडिया क़ाज़ी बोर्ड के सदर व ऑल इण्डिया सुन्नी जमीतुल उलेमा, मुम्बई के उपाध्यक्ष मौलाना कौसर रब्बानी साहब पहुंचे। उन्होंने हज पर जाने वाले जायरीनों को मुबारकबाद एवं उनकी सलामती के लिए दुआएं की। बनारस में स्थाई हज हॉउस बने इसके लिए उन्होंने दुआएं की। इस मौके पर सेण्ट्रल हज कमेटी, भारत सरकार के सदस्य एवं वाराणसी इम्बॉर्केेशन केन्द्र केको-ऑर्डिनेटर डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद, उत्तर प्रदेश हज सेवा समिति के अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद, पूर्वांचल हज सेवा समिति के सदर हाजी रईस अहमद, रेयाज़ अहमद अंसारी, हाजी अब्दुल रहमान, अंसारी, मास्टर हज ट्रेनर कारी मोहम्मद मुश्ताक़, हाजी मोहम्मद इमरान, रिज़वान अहमद, मोहम्मद सुहैल, साजिद खान उर्फ सोनू, सलमान शाहिद, सेराज अहमद फारुकी, मोहम्मद ज़फर अंसारी, मास्टर हज ट्रेनर मोहम्मद इक़बाल खान, हामिद मुश्तफ़ा, अब्दुल वहीद खान समेत बड़ी संख्या में हज खिदमतगार मौजूद थे। पहली फ्लाइट सुबह 8 बजे अपने तय समय से उड़ान भरी जिसमें इलाहाबाद के 9, आजमगढ़ के 12, बलिया और चंदौली से 5-5, ग़ाज़ीपुर के 25, गोरखपुर के 2, जौनपुर के 15, कौशाम्बी व भदोही से एक,  मऊ जिले के 19, मिर्ज़ापुर व सोनभद्र से 2-2 एवं वाराणसी से 62 हज ज़ायरीन शामिल हैं जिनमें पुरुष ज़ायरीनों की संख्या 85 और महिला ज़ायरीनों की संख्या 75 रही।  दूसरी फ्लाइट जो सुबह 10:50 पर रवाना हुई जिसमें इलाहाबाद के 28, आज़मगढ़ के 51, बलिया के 4, गाज़ीपुर के 29, जौनपुर के 6, मऊ के 7, मिर्ज़ापुर के 5 एवं वाराणसी के 30 हज ज़ायरीन शामिल रहे। जिसमें पुरुष ज़ायरीनों की संख्या 82 और महिला ज़ायरीनों की संख्या 78 थी।  तीसरी उड़ान अपने पूर्व निर्धारित समय दोपहर के 1.30 आज़मगढ़ के 158 लोगों को लेकर रवाना हुई, जिसमें पुरुष ज़ायरीनों की संख्या 77 और महिला ज़ायरीनों की संख्या 81 रही। चौथी उड़ान 2:50 पर वाराणसी जिले के 160 लोगों को लेकर रवाना हुई जिसमें पुरुष ज़ायरीनों की संख्या 81 और महिला ज़ायरीनों की संख्या 79 रही

वीज़ा में हुई समस्या खैतुनिसा बेगम के वीज़ा में किसी पुरुष की फोटो लग गई थी जिससे इमिग्रेशन के अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया लेकिन मौके पर मौजूद हज कोऑर्डिनेटर व सेण्ट्रल हज कमेटी के मेम्बर डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने तुरंत मुम्बई बात कर उनका नया वीज़ा मंगाया जिसके बाद वो मुक़द्दस हज सफर पर रवाना हो गईं

अस्थाई हज हाउस में ही पहन लें एहराम

एयरपोर्ट पर एहराम पहनने की कुछ अलग से व्यवस्था न होने से हज ज़ायरीनों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हज कोऑर्डिनेटर डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने अपील की है कि सभी हज ज़ायरीन अस्थाई हज हाउस में बने इबादतखाने में ही एहराम पहन लें तो बेहतर रहेगा और एयरपोर्ट पर दुश्वारियों से बचा जा सके

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