श्रावण मास के अंतिम सोमवार को मंहकालेश्वर रूप में पूजे गए बाबा बड़े शिव

रिपोर्ट-राम मोहन अग्निहोत्री

गोपीगंज,भदोही ।। सावन मास के चौथे और आखिरी सोमवार को नगर के हृदय स्थली बाबा बड़े शिव मंदिर पर भगवान शिवजी का द्वादश ज्योतिर्लिंग के महाकालेश्वर उज्जैन के स्वरूप में श्रृंगार कर महाआरती उतारी गई। उज्जैन के महाकालेश्वर स्वरूप में सजा बाबा बड़े शिव का दरबार देख भक्तगण अलपक बाबा के स्वरूप को निहारते रहे। छप्पन पकवानों से और मेवा, मिश्री से बाबा का दरबार भव्य रूप से सजाया गया था। महाकालेश्वर महादेव के पूजन से भगवान शिव धन, धान्य, निरोगी काया, लंबी आयु, संतान आदि इच्छाओं को पूर्ण करते हैं।कहा जाता है कि आकाश में तारक लिंग, पाताल में हाटकेश्वर लिंग और पृथ्वी पर महाकालेश्वर से बढ़कर अन्य कोई ज्योतिर्लिंग नहीं है। इसलिए महाकालेश्वर को पृथ्वी का अधिपति भी माना जाता है । यह एक दक्षिणमुखी ज्‍योतिर्लिंग है। शास्त्रों के अनुसार दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज जी है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति बाबा बड़े शिव जी के मंदिर में आकर सच्चे मन से भगवान शिव की प्रार्थना करता है, उसे मृत्यु के बाद मोक्ष मिलती है, और यहां आकर भगवान शिव के दर्शन करने से अकाल मृत्यु भी टल जाती है। महाआरती में ढोल, मृदंग, नगाड़े की थाप, डमरू की डम डम, घंटा घड़ियाल, और शंखनाद की करतल ध्वनि के साथ पुजारी सुरेंद्र विश्वकर्माने एक सौ आठ दीपों से उतारी। मौके पर उपस्थित हजारों शिव भक्तों ने ओम जय शिव ओंकारा, ओम जय जगदीश हरे का स्तुति गान कर हर हर महादेव का उद्घोष किया। महाप्रसाद का वितरण शंकरलाल मोदनवाल के सौजन्य से कराया रहा। महाआरती में जनपद के जिलाअधिकारी राजेंद्र प्रसाद एवं अपर जिला अधिकारी राम सिंह वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ लक्ष्मी सिंह ने भी बाबा के दरबार में मत्था टेका और विधान पूर्वक पूजन किया। इस मौके पर महाप्रसाद का वितरण देर रात्रि तक चलता रहा। महाआरती में मंदिर पर प्रमुख रूप से गगन गुप्ता, घनश्याम दास गुप्ता, डॉ आनन्द मोदनवाल, दिलीप गुप्ता, शिव अग्रहरी, बाबालाल सहित शिव परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। इस मौके पर भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महिला कांस्टेबल रिंकी, सुषमा सहित चौकी प्रभारी सुशील त्रिपाठी दल बल के साथ डटे रहे।

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