आदिवासी समाज संस्कृति,भाषा व रिवाज को अपनाएं - डॉ0 बनवारी लाल

वाराणसी ।। हरहुआ ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत चक्का में 'महारानी दुर्गावती स्मृति भवन प्रांगण में "आदिवासी भोजली जात्रा एवम् महोत्सव मनाया गया। भोजली पर्व पर आदिवासी नर नारी सरहद से सतरंगी गोंडी ध्वज के साथ परम्परागत वाध्य यंत्रों,तीर -धनुष,कुल्हाड़ी के साथ भोजली(जरई) को सिर पर रखकर इष्ट का सुमिरन करती हुई वरुणा नदी में विसर्जन विधि विधान से किया।

जनजातीय शोध संस्थान एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 बनवारी लाल गोंड के अनुसार- जल जंगल जमीन मानव सभ्यता के प्राण तत्व हैं । गोदोला (सामूहिक) जीवन में प्रकृति शक्ति की आस्था सर्वोपरि है इसे भाषा ,संस्कृति ,पर्व रिवाज को बचाने की जरूरत है। कार्यक्रम का संयोजन प्रधान चक्का तिरुमाय रानी देवी गोंड, सहसंयोजक दिनेश गोंड आभार बृजभान मरावी वन एवम् वन्य जिव अनुभाग उ0प्र0 सदस्य, सहयोग विनोद शाह,दिनेश गोंड,गब्बर गोंड,सुखु भुमक, मनभावती,उर्वशी,पूजा गोंड सहित सैकड़ो आदिवासी सदस्य शामिल रहे। सञ्चालन भइया लाल गोंड ने किया। आभार प्रधान रानी गोंड ने किया।


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