कैदी के मौत के बाद कैदियों ने की जिला जेल में भुख हड़ताल

: कुशीनगर के कुबेरस्थान इलाके का रहने वाला था पिंटू यादव

डीएम-एसपी के पहुंचने पर माने, तीन बजे के बाद खाया खाना

23 मार्च को सजा मिलने पर आया था जिला जेल, कालाजार से था पीड़ित

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। सामूहिक दुष्कर्म के दोष में 20 साल की सजा पाए कुशीनगर निवासी एक कैदी की शुक्रवार की देर रात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला जेल के बंदियों-कैदियों में आक्रोश फैल गया। जेल प्रशासन पर समुचित देखभाल व इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शनिवार को भूख हड़ताल कर दिया। उन्होंने जेल में मिल रहे भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई थानों की फोर्स जिला जेल पहुंच गई। डीएम-एसपी ने भी जेल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। घंटों मान-मनौवल के बाद बंदी भोजन के लिए तैयार हुए। 

कुशीनगर के कुबेरस्थान थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी पिंटू यादव को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 20 साल की कैद और दो लाख रुपये के जुर्माना की सजा हुई। 23 मार्च से वह जेल के 13 नंबर बैरक में बंद था। कुछ दिन पूर्व वह कालाजार से पीड़ित हो गया। जेल प्रशासन ने उसका कई बार जिला अस्पताल में उपचार कराया था। बीते 11 सितंबर को फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिला जेल के चिकित्सक ने जिला अस्पताल और यहां से मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार की रात उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर शनिवार को जिला जेल के बंदियों ने भूख हड़ताल कर दिया। बंदियों का आरोप था यहां न तो सेहत का ध्यान रखा जा रहा है और न ही खाने की गुणवत्ता सही मिल रही है। इसी कारण आए दिन बंदी बीमार पड़ रहे हैं। बंदियों की भूख हड़ताल से जेल प्रशासन के

: जिम्मेदारों के हाथ-पांव फूल गए। पहले तो अपने हिसाब से मामले को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उच्चाधिकारियों को सूचना दी। दोपहर बाद सलेमपुर से डिप्टी सीएम केशव मौर्य के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर लौट रहे डीएम अमित किशोर और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र भी जेल पहुंचे। बैरकों में जाकर छानबीन की। बंदियों से भी बातचीत कर उनकी परेशानी जानी। बीमार कई बंदियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजवाया। इसके पहले एएसपी शिष्यपाल, एडीएम प्रशासन राकेश पटेल कई थानों की फोर्स लेकर जिला जेल पहुंच गए थे। सभी अधिकारियों ने जेल में बंदियों से बात कर मनाया। जेल प्रशासन के मुताबिक अफसरों के आश्वासन पर दोपहर बाद सभी ने भोजन किया। मृतक के परिवारवालों ने भी जेल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। 

यह है मामला

कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी पिंटू यादव और जनार्दन ने मिलकर 12 जून 2014 को एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। बेहोशी की हालत में उसे नहर किनारे फेंक दिया था। होश आने पर घर पहुंची किशोरी ने परिवारवालों को पूरी बात बताई। कुबेरस्थान पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था। वे जमानत पर रिहा होकर घर लौटे थे। इसी साल 23 मार्च को कोर्ट ने दोनों को 20-20 साल की कैद और दो-दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा हुई। तब से पिंटू जेल में सजा काट रहा था।

डॉक्टर और फार्मासिस्ट कहीं और रहते हैं

जिला जेल में तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट कहीं और रहते हैं। बंदियों की तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन के लोग फोन करते हैं तब वह पहुंचते हैं। यह सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों निजी प्रैक्टिस भी करते हैं। 

कोतवाली से पहुंची आठ टीम

 देवरिया। जिला जेल में बंदियों की भूख हड़ताल की सूचना पर एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार को टीम बनाकर जेल में पहुंचने के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर प्रभारी कोतवाल ने तत्काल आठ टीम बनाई। दोपहर एक बजे के करीब टीम जिला पहुंची। पहले इन्हीं लोगों ने जेल प्रशासन के लोगों के साथ मिलकर भूख हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन बंदियों की जिद के आगे नाकाम रहे। बाद में पहुंचे डीएम और एसपी ने आश्वासन देकर बंदियों को खाना खिलाया। 

जेल में बंदियों के भोजन और सेहत का पूरा ख्याल रखा जाता है। मानक के अनुरूप भोजन और नाश्ता दिया जाता है। पिंटू यादव की तबीयत पहले से खराब थी। उपचार कराने में कोई लापरवाही नहीं की गई है। - केपी त्रिपाठी, जेल अधीक्षक

कैदी पिंटू यादव की तबीयत पहले से खराब थी। उपचार के दौरान उसने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। नाराज बंदियों ने भोजन करने से मना कर दिया था। उन्हें मनाकर भोजन करा दिया गया है। जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं। 

- डॉ. श्रीपति मिश्र, 

एसपी के साथ जेल के औचक निरीक्षण पर गए थे। इसका कैदी की मौत के मामले से कोई तालमेल नहीं है। एक-एक बैरकों में जाकर छानबीन की गई है। बंदियों से बातचीत भी की गई। भूख हड़ताल की बात अफवाह है। सुबह भी खाना बना और दोपहर में भी सबने बना खाना खाया। --- अमित किशोर, एसपी

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