भिवंडी की सड़कों पर मौत का नंगा नाच – नेता सोते रहे, जनता मरती रही !
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 23, 2025
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भिवंडी। भिवंडी शहर आज सड़क हादसों का कब्रिस्तान बन चुका है। पिछले कुछ महीनों के आंकड़े चीख-चीखकर बता रहे हैं कि केवल गड्ढों और टूटी-फूटी सड़कों की वजह से दर्जनों लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। उड़ान पुल से लेकर गलियों तक मौतें बिछी पड़ी हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। पालिका प्रशासन और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का हाल ये है कि हादसे के बाद सिर्फ मिट्टी-पत्थर डालकर गड्ढे भरने का ड्रामा किया जाता है। पहली ही बारिश में ये मिट्टी बह जाती है और मौत का जाल फिर तैयार हो जाता है। हादसे होते हैं, खून सड़क पर बहता है और फिर शुरू हो जाती है राजनीति।
सबसे बड़ा सवाल – भिवंडी के उड़ान पुलों पर सिर्फ छोटी गाड़ियां क्यों ? भारी वाहनों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से क्यों गुजरना पड़ता है ? आधी सड़क आरसीसी और आधी पेवर ब्लॉक की मजबूरी क्यों बनाई गी ? यही कारण है कि भारी वाहनों के दबाव से पेवर ब्लॉक धंस जाते हैं और आरसीसी सड़क से खाई जैसी दरारें बन जाती हैं। इन दरारों में फंसकर स्कूटी और बाइक सवार सीधे मौत के मुंह में चले जाते हैं। लेकिन नेताओं को इन मौतों से कोई फर्क नहीं पड़ता। हादसे के बाद ये नेता कैमरे के सामने छाती कूटते हैं, सोशल मीडिया के यूट्यूब चैनलों पर गरजते हैं, मगर अगले ही दिन आराम से सो जाते हैं। जब तक किसी परिवार की लाश सफेद चादर में लिपटी सड़कों पर नहीं बिछती, तब तक इन्हें याद भी नहीं आता कि शहर में सड़कें हैं।असलियत ये है कि भिवंडी की सड़कों पर राजनीति पल रही है और जनता मर रही है। सवाल साफ है – जनता कब तक गड्ढों में गिरेगी और नेता कब तक राजनीति की रोटियां सेंकेंगे ?


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