भिवंडी में भारी वाहनों पर रोक, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत ?

नागरिकों के आन्दोलन के बाद ठाणे यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई, अब वैकल्पिक मार्गो से गुजारे जाएंगे ट्रक - कंटेनर

भिवंडी। भिवंडी शहर में दिन-ब-दिन बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और जगह-जगह गड्ढों से परेशान नागरिकों के आक्रोश को देखते हुए ठाणे पुलिस के यातायात विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को जारी आदेश में भिवंडी में गुजरने वाले भारी वाहनों (Transit Traffic) पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के अनुसार अब भारी गाड़ियां शहर की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर पाएंगी और उन्हें वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।

पुलिस उप आयुक्त (यातायात), ठाणे शहर पंकज शिरसाट द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि गुजरात से मुंबई तथा मुंबई से गुजरात की ओर जाने वाले सभी ट्रक, कंटेनर और अन्य भारी वाहन अब भिवंडी शहर से होकर नहीं गुजर सकेंगे।आदेश में कहा गया है कि भिवंडी शहर में रोज़ाना लगभग 4,51,683 वाहन चलते हैं,इसके आलावा बाहर से आने वाली वाहनों की संख्या इससे अधिक है। क्योंकि भिवंडी शहर पॉवर लूम,डाइंग- साइजिग कंपनी, प्लास्टिक मोती कारखाने जैसे अनेक कल कारखाने है। यही वजह है कि स्कूली बच्चे, मरीज और आम नागरिक रोज़ाना घंटों परेशानी झेल रहे थे। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में अटक जाती थी। यातायात पुलिस ने साफ किया है कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन—जैसे एम्बुलेंस, दूध, सब्ज़ी, दवाई और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े परिवहन—इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। भिवंडी में पिछले कई दिनों से नागरिक और विभिन्न संगठन आंदोलन कर रहे थे। भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और सड़कों के गड्ढे भरने की मांग को लेकर अंजूरफाटा और मानकोली नाका पर हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अब इस आदेश के बाद शहरवासियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या वैकल्पिक मार्ग इस भारी दबाव को झेल पाएंगे या समस्या किसी और क्षेत्र में सिर उठाएगी। फिलहाल, नागरिकों की निगाहें प्रशासन पर हैं कि इस फैसले को कितनी सख्ती से लागू किया जाता है और बदहाल सड़कों की मरम्मत कब होती है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट