भिवंडी वोटर लिस्ट में बड़ा घोटाला उजागर
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Nov 09, 2025
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एक मतदाता कई सूचियों में दर्ज, मुस्लिम मतदाता ‘हिन्दू’ बना दिया गया
भिवंडी। भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कई मतदाताओं के नाम अलग-अलग सूचियों में बार-बार दर्ज किए गए हैं, जबकि कई मुस्लिम मतदाताओं को “हिन्दू” नामों से सूचीबद्ध किया गया है। इस खुलासे के बाद शहर की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वार्ड क्रमांक 11, किदवई नगर तालाब क्षेत्र के पूर्व नगर सेवक हसीब खान ने इस संबंध में तहसीलदार को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में दावा किया गया है कि केवल 11 नंबर वार्ड की 10 वोटर लिस्टों में करीब 2,500 से अधिक फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इतना ही नहीं, इन फर्जी पंजीकरणों में मात्र दो मोबाइल नंबरों — 8975__4468 और 983__40694 — का उपयोग किया गया है। हसीब खान का कहना है कि मतदाता सूचियों में भारी अनियमितता और लापरवाही दिखाई दे रही है। कई मतदाताओं के पते “--”, “00” या “NG” जैसे चिन्हों से भरे हैं। लगभग 1,170 मतदाताओं के पते सिर्फ एक डैश (-) के रूप में दर्ज पाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सब निर्वाचन आयोग और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जानकारी के बिना कैसे संभव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अब्दुर्रहीम ज़काउल्लाह शेख का नाम वोटर लिस्ट नंबर 227 (सीरियल 1246) और लिस्ट नंबर 174 (सीरियल 974) दोनों में दर्ज है। इसी तरह अब्दुस्समद अमीरुल्लाह शाह का नाम लिस्ट नंबर 73 में दो बार—सीरियल 807 और 812—पर पाया गया। आफरीन बानो नियाज़ अंसारी का नाम दो अलग-अलग लिस्टों में, अलग उम्र और पते के साथ मौजूद है। अफरोज़ अली हसन शेख और अक्सा बानो कमरुज्ज़मां अंसारी के नाम भी दोहरी प्रविष्टियों में पाए गए हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक मुस्लिम मतदाता को वोटर लिस्ट में “यादव विनय कुमार रमादीन” के नाम से दर्ज किया गया है। यह प्रविष्टि बूथ नंबर 186, सीरियल नंबर 552, वोटर नंबर XVQ2592392 पर पाई गई। जांच में सामने आया कि यह व्यक्ति वास्तव में मुईनुद्दीन मोहम्मद तकसीम अंसारी है। इस मामले ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।हसीब खान का आरोप है कि बीएलओ ने राजनीतिक दबाव में आकर फर्जी नाम जोड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे यह मामला प्रांत अधिकारी, जिला कलेक्टर, कोंकण आयुक्त और राज्य निर्वाचन आयोग तक ले जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इस घोटाले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि मतदाता सूची में इस तरह की हेराफेरी लोकतंत्र के मूल अधिकारों पर सीधा प्रहार है। अब सबकी निगाहें प्रशासन और निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं।


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