भिवंडी में अब्दुल कलाम उद्यान बना भष्ट्रचार का बगीचा

अधूरा काम और पास हुए लाखों के बिल, जांच की मांग तेज


घास नही,खेल का समान नही ..फिर भी बिल पास


भिवंडी। भिवंडी के निजामपुर क्षेत्र में स्थित मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद उद्यान एक बार फिर विवादों में घिर गया है। उद्यान के मरम्मत कार्य में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष मोमिन दिलशाद अहमद ने भिवंडी महानगरपालिका आयुक्त को दिए लिखित निवेदन में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही व वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।

निवेदन में कहा गया है कि पालिका ने उद्यान के मरम्मत कार्य का ठेका ‘सागर कन्स्ट्रक्शन’ नामक फर्म को टेंडर करारनामा क्रमांक 606/2023-24 और 266/2023-24 के तहत दिया था। आरोप है कि ठेकेदार ने न तो उद्यान में घास लगाई, न बाउंड्री वॉल बनाई और न ही खेल सामग्री ठीक से लगाई। शिकायत के अनुसार, करीब 10 लाख रुपये की लागत से बेंच, झूले, स्लाइड और अन्य खेल उपकरण लगाए जाने थे, लेकिन ठेकेदार ने यह कार्य पूरा नहीं किया। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने ठेकेदार का बिल पास कर दिया। मोमिन दिलशाद अहमद ने इसे मनमाना भुगतान बताते हुए कहा कि ठेकेदार और बांधकाम विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि पानी पुरवठा विभाग की ओर से उद्यान परिसर में पानी की टंकी के लिए की गई खुदाई से भी मैदान को नुकसान हुआ है, जिससे नगर पालिका पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ा है.शिकायतकर्ता ने मांग की है कि शहर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल जांच शुरू की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अधूरे और निम्न दर्जे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए स्वतंत्र तकनीकी टीम नियुक्त की जाए। शहर के नागरिकों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए उद्यान को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नगर आयुक्त इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

रिपोर्टर

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