भिवंडी में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग तेज, “भिवंडी में विश्वविद्यालय बनाओ” अभियान की शुरुआत

भिवंडी। ठाणे ज़िले में उच्च शिक्षा के अभाव से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए अब उम्मीद की नई किरण जागी है। सदाब उस्मानी शिक्षण दिवस के अवसर पर आज “भिवंडी में विश्वविद्यालय बनाओ” अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान भिवंडीकर न्याय मंच की पहल पर शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य सरकार से ठाणे ज़िले का पहला विश्वविद्यालय भिवंडी में स्थापित करने की मांग की गई है।

भिवंडी शहर और आसपास के लगभग 229 गाँवों में उच्च शिक्षा के लिए कोई बहु-संकाय सरकारी महाविद्यालय नहीं है। परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों को ठाणे, मुंबई या पुणे जैसे शहरों में पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे अनेक होनहार विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। अब तक ठाणे ज़िले में कोई विश्वविद्यालय नहीं है, जबकि समीपवर्ती मुंबई, रायगढ़, पुणे और औरंगाबाद ज़िलों में विश्वविद्यालय स्थापित हैं। इस कारण यहाँ के विद्यार्थी आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से पीछे रह जाते हैं।

भिवंडीकर न्याय मंच ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को पत्र भेजकर पोगांव क्षेत्र में लगभग 25 हेक्टेयर भूमि उच्च शिक्षा हेतु आरक्षित करने की मांग की है। यह भूमि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्रस्तावित थी, परंतु परियोजना स्थगित होने के बाद वर्तमान में खाली पड़ी है। अभियान संयोजकों ने बताया कि “भिवंडी में विश्वविद्यालय बनाओ” अभियान 26 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरण के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अभियान का लक्ष्य है — “शिक्षा मेरा अधिकार है” के नारे को साकार कर भिवंडी और ठाणे ज़िले के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना।

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