भिवंडी में महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत प्रशिक्षण सत्र संपन्न

महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी


भिवंडी। भिवंडी मनपा में दिनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) के अंतर्गत जिला महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत यह विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

 यह मार्गदर्शन सत्र पालिका मुख्यालय स्थित स्व. विलासराव देशमुख सभागृह में संपन्न हुआ। इस सत्र में ठाणे जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने महिलाओं को विविध योजनाओं और अधिकारों की जानकारी दी। ठाणे जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर स्पेशलिस्ट दीपिका जीवलगे ने महिलाओं की सुरक्षा, बचत गटों द्वारा निर्मित वस्तुओं को “यशस्विनी पोर्टल” पर पंजीकृत कर ऑनलाइन बिक्री करने और मनोधैर्य योजना के तहत बच्चों पर हो रहे अत्याचारों की रोकथाम व उनके संगोपन से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन दिया। वन स्टॉप सेंटर, कलवा की प्रशासक तेजस्विनी पाटिल ने केंद्र सरकार प्रायोजित इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी।जिनमें चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, पुलिस सहायता, नशामुक्ति काउंसलिंग, और अत्याचार झेल चुकी महिलाओं के लिए पाँच दिन का अस्थायी निवास शामिल है। ठाणे जिला बाल अधिकार संरक्षण अधिकारी रामकृष्ण रेड्डी ने सड़कों पर रहने वाले बच्चों पर हो रहे अत्याचार, दत्तक योजना और बाल संगोपन योजना से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा हेतु दत्तक योजना लागू है। इसके अलावा, विधवा और निराधार महिलाओं के लिए संजय गांधी निराधार योजना की जानकारी भी दी गई। रेड्डी ने इस अवसर पर अपील की कि बचत गटों के माध्यम से इन सभी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुँचाई जाए। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग प्रमुख मिलिंद पळसुले, एकता शहर स्तर संघ की अध्यक्ष चंदा बैनर्जी, प्रबंधक एस्तेर रायबोर्ड, तथा समुदाय संघटक धनश्री मेस्त्री और अमोल केदार उपस्थित रहे।

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