भिवंडी में चुनावी सरगर्मी के बीच हुक्का पार्लर बने ‘पावर सेंटर’, ढाबों पर टंगा ‘हाउसफुल’ का बोर्ड

भिवंडी। भिवंडी शहर में आगामी 2025-26 मनपा चुनाव ने ऐसा सियासी तापमान खड़ा कर दिया है कि स्लम से लेकर पोश इलाकों तक, बंद पड़े पावरलूम कारखाने और ढाबों पर चल रहे हुक्का पार्लर ‘हाउसफुल’ हो चुके हैं। हालात यह हैं कि शहर के ढाबों पर अब खाने से ज़्यादा राजनीति और रसूख की धुंआधार चर्चा चल रही है। भिवंडी मनपा के कुल 90 वार्डों के लिए करीब 2 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। करीब आठ साल बाद हो रहे इस चुनाव में नेताओं का परिवारवाद खुलकर सामने आया है। पति-पत्नी, बेटे-बेटियां और बहुएं तक मैदान में उतर आई हैं। नतीजा—खासतौर पर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रात और दिन का फर्क मिटता जा रहा है।

शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दो दर्जन से अधिक हुक्का पार्लर संचालित बताए जा रहे हैं, जहां रात ढलते ही युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। स्थानीय पुलिस की कथित सरपरस्ती के चलते इन पर कार्रवाई न के बराबर होती है। चुनावी माहौल के कारण देर रात तक इन हुक्का पार्लरों में भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि संचालकों को मजबूरन ‘हाउसफुल’ या ‘बुक’ का बोर्ड लगाना पड़ रहा है। निजामपुरा पुलिस थाना क्षेत्र में खाड़ीपार शान होटल के पीछे बड़े पैमाने पर हुक्का पार्लर का अड्डा सक्रिय है। रात होते ही नदी के पुल से लेकर होटल के आसपास दोपहिया और चारपहिया वाहनों का जमावड़ा लग जाता है। शहर पुलिस स्टेशन सीमा में भी कई हुक्का पार्लर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आसबीबी रोड स्थित पन्ना कंपाउंड और मंदिर के पास संचालित समीम मलबारी का हुक्का पार्लर खासा कुख्यात है। सूत्रों के अनुसार यहां देर रात तेज डीजे की आवाज में तृतीय पंथी से अश्लील नृत्य भी करवाया जाता है। बीते सप्ताह ठाणे अपराध शाखा ने इसी हुक्का पार्लर पर छापा मारकर समीम मलबारी समेत छह लोगों को हिरासत में लिया था। सभी आरोपी हुक्का पार्लर के स्टाफ बताए जा रहे है। इस मामले में सभी छह आरोपियों के खिलाफ कोप्टा कायदा की धारा 4(अ) और 21(अ) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  सवाल यह है कि क्या चुनाव खत्म होते ही इन हुक्का पार्लरों पर भी कानून की नजर पड़ेगी, या फिर ‘धुएं’ में ही सब कुछ गायब हो जाएगा?

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