जेल में बंद मज़दूर नेताओं को रिहा करने की मांग


रोहतास। बिहार राज्य निजी सुरक्षा कर्मचारी यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय मांग दिवस का आयोजन किया। इस दौरान यूनियन के सदस्यों ने औद्योगिक क्षेत्रों में मज़दूरों पर हो रहे कथित दमन के खिलाफ आवाज़ उठाई और जेल में बंद श्रमिक नेताओं की रिहाई की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीटू (CITU) रोहतास के जिला प्रभारी शंभूनाथ पांडे ने बताया कि मनेसर, नोएडा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मज़दूरों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 1000 श्रमिक नेता वर्तमान में जेल में बंद हैं, जिन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

यूनियन की मुख्य मांगें:

औद्योगिक क्षेत्रों में मज़दूरों के खिलाफ हो रहे दमन पर तत्काल रोक लगे।

जेल में बंद 1000 श्रमिक नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाए।

निजी सुरक्षा कर्मियों के कार्य दशाओं और अधिकारों में सुधार किया जाए।

शंभूनाथ पांडे ने स्पष्ट किया कि यह एकजुटता की कार्रवाई पूरे देश में मज़दूरों के हक के लिए की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मज़दूरों की जायज मांगों को अनसुना न किया जाए और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जाए।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट