असम राइफल्स के सूबेदार मेजर शशि भूषण तिवारी हत्याकांड में 6 दोषियों को आजीवन कारावास

ब्यूरो चीफ संदिप कुमार की रिपोर्ट 

कैमूर:-- सिविल कोर्ट भभुआ (कैमूर) के एडीजे द्वितीय अजीत कुमार मिश्रा की अदालत ने असम राइफल्स के सूबेदार मेजर शशि भूषण तिवारी हत्याकांड में छह अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में प्रत्येक को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषियों में सरवन गौड़, राकेश गौड़, सुभाष सिंह, अर्जुन कुमार (सभी ग्राम मेढ़, थाना चैनपुर), अनिल गौड़ (ग्राम बभनियाव, थाना चांद) तथा राजेश कुमार उर्फ राजेश राम (ग्राम तैनोरा, थाना चैनपुर) शामिल हैं। सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 एवं 120B के तहत सजा सुनाई गई है। अभियोजन के अनुसार, मृतक शशि भूषण तिवारी, जो असम राइफल्स में सूबेदार मेजर के पद पर मणिपुर में तैनात थे, छुट्टी पर अपने गांव चांद आए हुए थे। 16 जून 2022 की रात वे अपने परिचित के घर के बरामदे में सोए हुए थे। इसी दौरान सभी अभियुक्तों ने मिलकर फरसा और लोहे के रॉड से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले की सूचक एवं मृतक की पत्नी सीमा तिवारी ने बताया कि घटना के पीछे निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद कारण बना। बताया गया कि मृतक द्वारा एक आरोपी को थप्पड़ मारने के बाद यह हमला किया गया। मामले में अपर लोक अभियोजक मीना सिंह ने प्रभावी पैरवी की, जबकि सूचक पक्ष की ओर से अधिवक्ता नागेंद्र मिश्रा एवं मंटू पांडेय ने बहस की। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने पैरवी की। न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कैमूर को निर्देश दिया है कि मृतक की पत्नी सीमा तिवारी को सरकार द्वारा दी जाने वाली उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

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