दहेज हत्या के मामले में पति को 7 साल का कारावास, 50 हजार रुपये जुर्माना

संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट

कैमूर-------- जिले के भभुआ सिविल कोर्ट में दहेज हत्या के करीब 13 साल पुराने मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। एडीजे द्वितीय विनय कुमार तिवारी की अदालत ने पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जलाकर हत्या करने के मामले में पति अरविंद कुमार को 7 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त 6 माह के कारावास का प्रावधान किया गया है।

मामला कुदरा थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव से जुड़ा है। दोषी करार दिए गए अरविंद कुमार, पिता हरि नारायण सिंह, भटवलिया गांव, थाना कुदरा, जिला कैमूर के रहने वाले हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले के सूचक राम इकबाल सिंह, पिता सूर्यनाथ सिंह, ग्राम तारणपुर, थाना राजपुर, जिला बक्सर ने कुदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि उनकी पुत्री रेणु कुमारी की शादी 13 मार्च 2006 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अरविंद कुमार के साथ हुई थी।

आरोप था कि शादी के बाद से ही रेणु कुमारी को दहेज के लिए बार-बार प्रताड़ित किया जाता था। दहेज में चार पहिया वाहन की मांग किए जाने की बात भी प्राथमिकी में कही गई थी। आरोप के मुताबिक, दहेज में गाड़ी नहीं मिलने के कारण 31 दिसंबर 2012 को रेणु कुमारी को जलाकर उसकी हत्या कर दी गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पिता ने कुदरा थाना पहुंचकर अपने दामाद अरविंद कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस संबंध में कुदरा थाना कांड संख्या 233/2012 दर्ज किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और दलीलें प्रस्तुत की गईं। मुख्य अभियोजन पदाधिकारी रणधीर कुमार धीरज ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अरविंद कुमार को दोषी पाते हुए 7 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त 6 माह के कारावास का प्रावधान किया गया है।

मृतका के पक्ष से निजी अधिवक्ता मिथिलेश कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजीत सिंह ने अदालत के समक्ष दलीलें प्रस्तुत कीं।

बताया गया कि इस मामले में अन्य आरोपितों को पूर्व में न्यायालय द्वारा रिहा किया जा चुका है। वहीं, करीब 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अब इस मामले में पति के खिलाफ अदालत का फैसला सामने आया है

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