निर्दोष 72 वर्षीय वयोवृद्ध की गिरफ्तारी से संबंधित प्रकाशित खबर पर सी डब्ल्यू ए मानवाधिकार आयोग सख्त
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 18, 2026
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पुलिस कर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई व मुआवजे की मांग
अखिल भारतीय समाचार पत्र में प्रमुखता से उठाया गया था अवैध गिरफ्तारी से संबंधित खबर
संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर---- जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में पुलिस की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, पुलिस पर आरोप है कि उसने नाम और पिता के नाम में आंशिक समानता के आधार पर बिना सत्यापन किए एक निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट सी डब्ल्यू ए ने अखिल भारतीय समाचार पत्र की खबर को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई और पीड़ित को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
आपको बताते चलें कि विगत दिनों कुदरा थाना प्रशासन द्वारा वारंट पर कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच पाने की स्थिति में एक 72 वर्षीय वयोवृद्ध को सिर्फ नाम की मिलान कर गिरफ्त में लिया गया, रात भर हाजत में बंद करने के बाद दूसरे दिन हथकड़ी लगाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।
विगत 16 अक्टूबर को कुदरा थाना पुलिस ने वर्ष 2018 के एक मामले (कांड संख्या 421/18) में जारी वारंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया, पीड़ित के अनुसार उक्त मामला असल में 'विजय सिंह के पुत्र कन्हैया सिंह' के विरुद्ध दर्ज था, लेकिन पुलिस ने नाम में भ्रम के कारण 'विश्वनाथ सिंह के पुत्र कन्हैया लाल सिंह' को बिना उचित पहचान जांच के गिरफ्तार कर लिया 24 घंटे बिना अन्न-जल के रखने का आरोप है।
मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह 'योगी' द्वारा आयोग को भेजी गई शिकायत में उल्लेख किया गया है कि पुलिस ने न केवल गलत गिरफ्तारी की, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को लगभग 24 घंटे तक थाने में बिना भोजन और पानी के रखा यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार) और मौलिक मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है
मानवाधिकार संगठन की मुख्य मांगें दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई मामले में लापरवाही बरतने वाले कुदरा थाने के पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्षतिपूर्ति व मुआवजा गलत गिरफ्तारी से पीड़ित बुजुर्ग को हुई मानसिक शारीरिक और सामाजिक प्रतिष्ठा की अपूरणीय क्षति के लिए राज्य सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिलाया जाए गृह विभाग को निर्देश बिहार सरकार व गृह विभाग को इस बाबत निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ ऐसी घटना न हो।


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