नन्हे बच्चों ने छठ महापर्व की जीवंत झांकी, आकर्षक रंगोलियों और दीपों की कलात्मक सजावट से बिखेरी भारतीय संस्कृति की छटा
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Nov 07, 2026
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रोहतास।भारतीय संस्कृति, लोक आस्था एवं पारंपरिक पर्वों की महत्ता से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से संत जोसेफ स्कूल, सासाराम में दीपावली एवं छठ महापर्व के अवसर पर विशेष सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भारतीय संस्कृति और त्योहारों की अद्भुत छटा देखने को मिली। छठ महापर्व के अवसर पर बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की। बच्चों ने छठ व्रत की पवित्रता, सूर्य उपासना, संध्या एवं प्रातःकालीन अर्घ्य, सूप, दउरा, फल-फूल तथा पूजन सामग्री के माध्यम से इस महान पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रूप दिया। उनकी प्रस्तुतियों में बिहार की लोक संस्कृति और छठी मैया के प्रति अटूट श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
वहीं, दीपावली के अवसर पर विद्यालय के जूनियर सेक्शन के बच्चों ने अपनी रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने विभिन्न प्रकार की आकर्षक रंगोलियां बनाकर अपनी कल्पनाशीलता और कला-कौशल का परिचय दिया। इसके साथ ही मिट्टी के पारंपरिक दीपों को अलग-अलग रंगों और सुंदर डिजाइनों से सजाकर उन्हें आकर्षक रूप प्रदान किया। बच्चों की बनाई गई रंगोलियां और रंग-बिरंगे दीप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने दीपावली के प्रकाश, स्वच्छता, सकारात्मकता और खुशहाली के संदेश को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं छठ महापर्व की प्रस्तुतियों ने आस्था, पवित्रता, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
विद्यालय के निदेशक संतोष कुमार ने कहा कि भारत त्योहारों और सांस्कृतिक विविधताओं का देश है। दीपावली और छठ जैसे पर्व हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं। इन पर्वों के माध्यम से बच्चों को अपनी परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों, प्रकृति के सम्मान और सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ ऐसी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जाता है, ताकि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, सृजनात्मकता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जा सके।
कार्यक्रम में बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, रंगोलियों की कलात्मक सुंदरता, दीपों की आकर्षक सजावट और छठ महापर्व की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
संत जोसेफ स्कूल की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कार, संस्कृति, कला और जीवन मूल्यों से समृद्ध करना भी है।


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