जीविका दीदियों ने सभी प्रखंडों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान निकाली


रोहतास।बिहार सरकार की मद्य निषेध नीति को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करने और ग्रामीण समुदाय को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रोहतास जिले के सभी प्रखंडों में जीविका दीदियों द्वारा व्यापक नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक एक माह के लिए संचालित किया जा रहा है।

अभियान के तहत सोमवार को जीविका,उत्पाद,मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में जिले के सभी प्रखंडों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये। इन कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में जीविका दीदियों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

जिले में जीविका से संबद्ध सभी 43 संकुल स्तरीय संघों एवं ग्राम संगठनों के माध्यम से प्रतिदिन नशामुक्ति संबंधी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। नासरीगंज,संझौली,रोहतास, राजपुर सहित विभिन्न प्रखंडों में ग्राम संगठनों तथा संकुल-स्तरीय संघों की विशेष बैठकों के माध्यम से दीदियाँ नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प ले रही हैं। इन बैठकों में जीविका दीदियाँ सामूहिक रूप से संकल्प दोहरा रही हैं कि वे न स्वयं नशा करेंगी,और न ही अपने परिवार के सदस्यों को नशा करने देंगी। साथ ही अपने टोले-मोहल्ले को भी नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभायेंगी। जागरूकता अभियान के दौरान जीविका दीदियाँ अपने अनुभवों को साझा करते हुए बता रही हैं कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है,घरेलू विवाद बढ़ते हैं तथा बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही नशामुक्त जीवन के आर्थिक,सामाजिक एवं पारिवारिक लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है,ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके। इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जीविका द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गयी है। इसी के तहत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं उत्पाद,मद्य निषेध तथा निबंधन विभाग के सहयोग से विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन भी जीविका दीदियों द्वारा किया जा रहा है,जिससे स्थानीय समुदाय की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

इस संबंध में जिला परियोजना प्रबंधक,जीविका,रोहतास सुधीर बहादुर ने कहा, कि जीविका दीदियाँ ग्रामीण समाज की सबसे सशक्त आवाज हैं। जब जिले की सवा लाख से अधिक दीदियाँ एकजुट होकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलायेंगी,तो निश्चित रूप से इसका सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ेगा। हमारा उद्देश्य प्रत्येक परिवार को नशे की बुराई से मुक्त कराना और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान देना है।

रिपोर्टर

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