हत्या मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा, 11 साल बाद आया फैसला
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 04, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर----जिले के भभुआं सिविल कोर्ट में शनिवार 03 अक्टूबर 2026 को एडीजे प्रथम बलजिंदर पाल की अदालत ने हत्या के एक मामले में दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा
सजा पाने वाले अभियुक्तों की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर निवासी तीर्थराज पाण्डेय और रामविलास पाण्डेय के रूप में हुई है अदालत ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया है एससी-एसटी विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले के सूचक अर्जुन गौड़, पिता स्वर्गीय खोभारी गौड़ ग्राम पुरुषोत्तमपुर, थाना चैनपुर, जिला कैमूर के प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि 12 अगस्त 2015 को करीब 10 बजे दिन पुरुषोत्तमपुर के उत्तर गवही खंदा स्थित कृपा पाण्डेय के खेत में धान के बियड़े में बीज कबारने का काम किया जा रहा था इसी दौरान तीर्थराज पाण्डेय, रामविलास पाण्डेय समेत अन्य लोग कथित तौर पर हथियार लेकर वहां पहुंचे अभियोजन के अनुसार, तीर्थराज पाण्डेय ने कथित रूप से ललकारते हुए कहा कि किसुन गौड़ को जान से मार दो इसके बाद अभियुक्तों द्वारा किसुन गौड़ के साथ मारपीट की गई, जिससे उनके दोनों हाथ टूट गए और शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं किसुन गौड़ को बचाने के लिए उनकी पुत्री हीरावती वहां पहुंचीं, लेकिन उनके साथ भी मारपीट करने का आरोप है गंभीर स्थिति में किसुन गौड़ को इलाज के लिए वाराणसी ले जाया जा रहा था, इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई मामले के सूचक अर्जुन गौड़ के भाई मृतक किसुन गौड़ ने बताए गए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से डीएलएसए कैमूर, भभुआ के अधिवक्ता रामेश्वर पाठक ने पैरवी की करीब 11 वर्ष पुराने इस हत्या मामले में न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी गई


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