
जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा एक शिक्षक का विशेष रूप से किया जा रहा बचाव
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, ब्यूरो चीफ कैमूर
- Jun 15, 2025
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जांच के काफी दिनों के बावजूद भी अभी तक नहीं किया गया दंडित
अनुमंडल संवाददाता सिगासन सिंह यादव की रिपोर्ट
भभुआं (कैमूर)-- अनुमंडल के भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरैया विद्यालय के विशिष्ठ शिक्षक राजीव कुमार पर विगत 28 मई को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पटना से जांच के आदेश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भगवानपुर ने 29 मई को दिए गए रिपोर्ट में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैमूर के द्वारा राजीव कुमार को दोषी पाए जाने के बाद भी अभी तक नहीं किया गया दंडित।
संवाददाता से वार्तालाप के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि उक्त शिक्षक पर कारण बताओ नोटिस किया गया है, उसका जवाब दो-तीन दिन के अंदर देने के लिए कहा गया,लेकिन जब यह डीईओ से बात करने पर 12 जून को खबर चलाया गया तो 13 जून को राजीव कुमार शिक्षक से जवाब तलब किया गया। जो की कहीं ना कहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा उस दोषी शिक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि विभागीय कार्रवाई करने से शिक्षा विभाग मुकर रहा है। जिससे शिक्षा विभाग की संलिप्तता दिख रही है। यहां दो तरह की बातों का होना कहीं ना कहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी टाल मटोल का रवैया दिखा रहा है। जबकि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा विगत 28 मई को सरैया विद्यालय पहुंचकर गांव के अभिभावकों एवं, विद्यालय के बच्चों के द्वारा, पूछ ताछ में सही पाया गया।शिक्षक पर स्कूल का माहौल खराब करना,विद्यालय की गोपनीयता भंग करना, बच्चों से अपना टिफिन धुलवाना,सर दबवाना, वर्ग कक्ष में पढ़ाते समय सो जाना, आदि कई तरह के संगीन मामला उस पर लग चुका है। तो इस तरह के संगीन आरोप लगने के बाद भी उस शिक्षक को बचाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी बार-बार स्पष्टीकरण क्यों पूछ रहे हैं ?क्या शिक्षा विभाग इतना कमजोर हो गया है कि अपने ही विभाग द्वारा दिए गए रिपोर्ट को सही नहीं मानकर शिक्षक से ही यह बात पूछा जा रहा है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जब अपना जवाब लगा ही दिए हैं तो फिर क्या औचित्य बनता है कि उस शिक्षक से 13 जून को स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। अब देखना होगा की शिक्षा विभाग के अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। जबकि आपको बताते चलें कि शिक्षक पर कार्रवाई नहीं करने के कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश है ,क्योंकि वह शिक्षा के माहौल को हमेशा बिगाड़ने का प्रयास किए है।
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