विवेचना की गुणवत्ता एवं न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता हेतु “पुलिस–न्यायालय समन्वय” पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन


 राजगढ़ । राजगढ़ पुलिस द्वारा “विवेचना एवं माननीय न्यायालय से समन्वय” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पुलिस कंट्रोल रूम, राजगढ़ में किया गया।इस कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस विवेचना की गुणवत्ता में सुधार, न्यायालयीन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना तथा समन्वय के माध्यम से न्यायिक कार्य की प्रभावशीलता को सुदृढ़ करना रहा।कार्यक्रम में माननीय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी राजगढ़ श्रीमती नीलिमा देवदत्त, माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी सुश्री स्निग्धा पाठक, माननीय बाल कल्याण बोर्ड अध्यक्ष तथा पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी (IPS) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यशाला के दौरान माननीय न्यायिक अधिकारियों द्वारा कानून की बारीकियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बालक/बालिकाओं से संबंधित प्रकरणों में विशेष संवेदनशीलता एवं विधिक प्रक्रिया का पालन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने विवेचना में साक्ष्यों के संकलन, आरोपपत्र प्रस्तुतिकरण, तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं में सावधानी एवं पारदर्शिता बनाए रखने के दिशा-निर्देश दिए।इस अवसर पर जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, बाल कल्याण अधिकारी एवं विवेचक अधिकारियों ने सहभागिता कर विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया में सुधार तथा समन्वय के विभिन्न बिंदुओं पर अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए।राजगढ़ पुलिस द्वारा ऐसे प्रशिक्षण एवं समन्वयात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने का सतत प्रयास किया जा रहा है

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