महिला बाल विकास विभाग की सतकर्ता से एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह रुका


राजगढ़ । ग्राम मोकमपुरा एवं खोखेडा  में बाल विवाह मुक्त राजगढ़ अभियान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम का उद्देश्य, बाल विवाह के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधानों तथा रोकथाम के उपायों के प्रति ग्रामीण समुदाय को जागरूक करना है। कार्यक्रम में उपस्थित विकासखंड चिकित्सा अधिकारी खिलचीपुर श्री हिमांशु मीणा  ने बताया बाल विवाह एवं बाल सगाई एक सामाजिक बुराई हैँ इसे समाप्त करने पर ही समाज का पूर्ण विकास संभव है। वन स्टॉप प्रशासक एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती रश्मि चौहान द्वारा बताया की सतर्कता और जागरूकता से ही बाल विवाह जैसी कुरीति से लड़ा जा सकता है।बाल संरक्षण अधिकारी सुश्री रिंकी धाकड़ ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताया की बाल विवाह करने वाले या कराने वाले को 2 वर्ष तक की जेल और एक लाख तक का जुर्माना हो सकता हैग्राम में जनता को जागरूक किया गया। 

संवाद कार्यक्रम के पश्चात खोखेड़ा ग्राम में 16 वर्ष की नाबालिक बालिका के विवाह की सुचना प्राप्त होने पर महिला बाल विकास विभाग की सतकर्ता से एक नाबालिग बालिका के बाल विवाह रुकवाने की कार्रवाही भी की गई l परिवार को समझाईश दी गई की बाल विवाह अपराध हैँ यह कानून का उल्लंघन हैँ।  उक्त कार्यवाही वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमति रश्मि चौहान के निर्देशन में मोके पर पंचनामा तैयार करवाया गया। परिवार को टीम द्वारा समझाया गया। उक्त टीम में महिला बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी सुश्री रिंकी धाकड़, सुपरवाइजर श्री संतोष चौहान, पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर श्री विनोद मीणा और आरक्षक सुश्री प्रिया मीणा द्वारा पंचनामे पर हस्ताक्षर कर बाल विवाह ना करने की शपथ ली। समझाईश उपरांत परिजनों ने भी बाल विवाह ना करने की ठानी हैँ l जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से ही सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद हैँ।  अंत में प्रशासक वन स्टॉप सेंटर श्रीमति रश्मि चौहान द्वारा बाल विवाह  मुक्त करने कि शपथ  दिलायी गई।

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