आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, कैमूर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेले का भव्य आगाज
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Dec 19, 2025
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9 लाभार्थियों को सौंपी गई ट्रैक्टर की चाबी, मेले के पहले दिन ₹90.20 लाख के यंत्रों की हुई खरीद
भभुआ (कैमूर)- किसानों को आधुनिक तकनीक और उन्नत कृषि यंत्रों से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। शुक्रवार को भभुआ स्थित संयुक्त कृषि भवन परिसर में दो दिवसीय 'कृषि यांत्रिकरण मेला 2025-26' का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी (डीएम) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त (DDC) सहित कृषि विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने फसल अवशेष प्रबंधन (पराली प्रबंधन) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में पराली न जलाएं, क्योंकि इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम होती है। डीएम ने कहा कि स्ट्रॉ बेलर, स्ट्रॉ रीपर और सुपर सीडर जैसे आधुनिक यंत्रों के इस्तेमाल से किसान अपनी लागत कम कर सकते हैं और आय में वृद्धि कर सकते हैं।
मेले के दौरान 'स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर योजना' के तहत चयनित 9 प्रगतिशील किसानों को जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त और जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से ट्रैक्टर की चाबियां प्रदान की गईं। चाबी पाने वाले किसानों में विजय शंकर सिंह, भोला शंकर राय, नरेंद्र चौहान, मालती देवी, राजेश तिवारी, रामेश्वर साह, शशिकांत तिवारी, जितेन्द्र कुमार पाण्डेय और चन्द्रशेखर तिवारी शामिल हैं। ये किसान अब अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों को भी आधुनिक यंत्र किराए पर उपलब्ध करा सकेंगे। मेले में कुल 22 स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ 53 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है। पहले ही दिन किसानों में भारी उत्साह देखा गया और लगभग 90.20 लाख रुपये के कृषि यंत्रों (फसल अवशेष प्रबंधन एवं कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित) की खरीद की गई। जिला प्रशासन का यह कदम जिले में सतत कृषि को बढ़ावा देने और खेती को घाटे के सौदे से उबारकर लाभप्रद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौके पर उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) समेत कृषि विभाग के अन्य कर्मी और भारी संख्या में किसान उपस्थित थे।


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