कैमूर जिलाधिकारी के स्टेनो पर लगे गंभीर आरोप, सेवा नियमावली के उल्लंघन और मिलीभगत का मामला
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Dec 28, 2025
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कैमूर डीएम के स्टेनो पर गंभीर आरोप, जांच से पहले ही फाइलें \'लीक\' करने की शिकायत
जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट
भभुआ (कैमूर)-- बिहार के कैमूर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत स्टेनो विपुल तिवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों को आवेदन दिया गया है। शिकायतकर्ता ने स्टेनो पर विभागीय सेवा नियमावली के विरुद्ध कार्य करने और प्रशासनिक गोपनीयता भंग करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता दीनदयाल तिवारी द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, विपुल तिवारी की मूल नियुक्ति कृषि विभाग में कार्यालय सहायक के पद पर हुई थी। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर वे पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से जिलाधिकारी के स्टेनो के रूप में कार्य कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह विभागीय सेवा कर्तव्य नियमावली का सीधा उल्लंघन है। दीनदयाल तिवारी ने मीडिया से बातचीत में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई आम नागरिक किसी कर्मी या पदाधिकारी के खिलाफ जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपता है, तो स्टेनो विपुल तिवारी जांच शुरू होने से पहले ही संबंधित आरोपी कर्मी को इसकी सूचना दे देते हैं। आरोप है कि इसके बाद आपसी सांठगांठ से मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
आरोपों पर स्टेनो की सफाई: \'सभी आरोप निराधार\'
इन गंभीर आरोपों पर जब दूरभाष के माध्यम से स्टेनो विपुल तिवारी से उनका पक्ष जाना गया, तो उन्होंने तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। विपुल तिवारी का दावा है कि शिकायतकर्ता किसी के बहकावे में आकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों की जांच कराता है या नहीं।


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