कैमूर के भगवानपुर प्रखंड के उमापुर में छठवें दिन भव्य रूप से सम्पन्न हुई रुक्मणि विवाह कथा
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Dec 30, 2025
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अनुमंडल संवाददाता सिंगासन सिंह यादव की रिपोर्ट
भभुआं (कैमूर)-- अनुमंडल क्षेत्र के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत उमापुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर कथा वाचक परम पूज्य श्री अभिनंदन जी महाराज के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मणि के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया और श्रोतागण स्वयं को द्वापर युग के वातावरण में अनुभव करने लगे।
रक्मणि विवाह का मंचन अत्यंत भव्य और आकर्षक रूप में किया गया। विवाह की शोभायात्रा यानी बारात पूरे धूमधाम के साथ निकाली गई, जिसमें बैंड-बाजा, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। भगवान श्रीकृष्ण की बारात जब कथा स्थल पर पहुंची, तो जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। “जय श्रीकृष्ण” और “हरि बोल” के उद्घोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
परम पूज्य श्री अभिनंदन जी महाराज ने अपने प्रवचन में रुक्मणि विवाह के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रुक्मणि विवाह केवल एक पौराणिक कथा नहीं, बल्कि यह भक्ति, विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। महाराज जी ने कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, तो स्वयं भगवान उसकी रक्षा के लिए आगे आते हैं, जैसा कि रुक्मणि के जीवन में देखने को मिलता है।
इस भव्य आयोजन में कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमापुर पहुंचे। विशेष रूप से चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री जमा खान की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। मंत्री जमा खान ने कथा स्थल पर पहुंचकर कथा श्रवण किया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
इसके साथ ही सरैया पंचायत के मुखिया श्री उमेश दुबे, पूर्व चेयरमैन श्री प्रमोद कुमार सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति भी कथा श्रवण के लिए उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी शामिल थे, जो पूरी तन्मयता के साथ कथा का आनंद ले रहे थे।
आयोजन को सफल बनाने में आयोजनकर्ता श्री नागेश दुबे एवं श्री सोनू दुबे की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने अतिथियों के स्वागत-सत्कार में कोई कमी नहीं छोड़ी। इस अवसर पर आयोजनकर्ताओं द्वारा मंत्री जमा खान सहित अन्य सम्मानित अतिथियों को भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक फोटो भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसे सभी अतिथियों ने श्रद्धा भाव से स्वीकार किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, व्यवस्था और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया था। स्वयंसेवकों की टीम लगातार श्रद्धालुओं की सुविधा में जुटी रही। कथा स्थल पर भक्ति संगीत, प्रसाद वितरण और सुसज्जित मंच ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
अंततः रुक्मणि विवाह की कथा के समापन के साथ ही श्रद्धालुओं के चेहरों पर अपार संतोष और आनंद झलक रहा था। उमापुर गांव में आयोजित यह कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी एक यादगार आयोजन बन गया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में की जा रही है।


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