रामगढ़–कैमूर दही-चूड़ा समागम बना बदलाव की मिसाल, युवाओं ने भरी हुंकार

 मंटू प्रसाद की रिपोर्ट 

रामगढ़,/कैमूर।। परिवर्तन चेतना मंच द्वारा आयोजित **रामगढ़–कैमूर दही-चूड़ा समागम** केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों, संकल्प और सामाजिक बदलाव की चेतना का संगम बन गया। आयोजन स्थल पर जो उत्साह, एकता और आत्मीयता दिखाई दी, उसने यह साबित कर दिया कि रामगढ़ का युवा अब चुप नहीं बैठेगा, बल्कि अपने क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए आगे आएगा।


इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में **रणधीर सिंह, रामलड्डू मुरली मनोहर, जलालु कुरैशी, सुमित, प्रदीप पांडे, सुमित सिंह, प्रशांत सिंह तथा दिनेश प्रजापति सहित रामगढ़–कैमूर के कई गणमान्य लोगों ने मंच से युवाओं को संबोधित किया। वक्ताओं ने युवाओं को नशामुक्त समाज, शिक्षा, रोजगार और आपसी भाईचारे के लिए एकजुट होने का संदेश दिया। हर भाषण में रामगढ़ के भविष्य की चिंता और बदलाव की उम्मीद साफ झलक रही थी।


कार्यक्रम का संचालन परिवर्तन चेतना मंच के संरक्षक **रणधीर सिंह** और **आसिफ़ ग़ाज़ीपुरी** ने बेहद भावपूर्ण और प्रेरणादायक अंदाज़ में किया। दोनों ने युवाओं को जोड़ते हुए कहा कि परिवर्तन किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि संगठित सोच और सामूहिक प्रयास से आता है।


इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत रही **रामगढ़ के युवाओं की ऐतिहासिक भागीदारी**। सैकड़ों युवाओं ने कार्यक्रम में पहुँचकर यह दिखा दिया कि वे अपने गांव, समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर जागरूक हैं। युवाओं के चेहरों पर जो जोश और आंखों में जो सपना दिखा, उसने पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया।


कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में रामगढ़–कैमूर को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता का केंद्र बनाने का संकल्प लिया। यह दही-चूड़ा समागम अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि रामगढ़ में परिवर्तन की शुरुआत बन चुका है।

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