सवर्ण समाज का हल्लाबोल, 30 जनवरी को भाजपा सरकार के खिलाफ निकलेगा 'आक्रोश मार्च'

कैमूर/बिहार-- यूजीसी (UGC) की नई नीतियों और सरकार के फैसलों के खिलाफ सवर्ण समाज ने अब आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। रविवार को परशुराम सेना और करणी सेना के संयुक्त तत्वावधान में कैमूर जिले में समस्त सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों की एक आपात बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा थोपी जा रही नीतियों को 'अपमानजनक' करार देते हुए आगामी 30 जनवरी को जिला मुख्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया है। 

नगरपालिका से कलेक्ट्रेट तक शक्ति प्रदर्शन

बता दें कि बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि 30 जनवरी को दोपहर 12 बजे से भभुआ नगरपालिका परिसर से एक विशाल 'आक्रोश मार्च' निकाला जाएगा। यह मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला मुख्यालय तक जाएगा, जहाँ सवर्ण समाज के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरेंगे।

कुटिल शासन और अपमानजनक नीतियों' पर कड़ा प्रहार

वही संगठन के नेताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का शासन सवर्णों के प्रति कुटिल नीति अपना रहा है। वक्ताओं ने विशेष रूप से UGC एक्ट से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि सरकार ऐसी नीतियां थोपकर समाज के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

बड़ी संख्या में जुटने की अपील

आपको बता दें कि परशुराम सेना और करणी सेना के पदाधिकारियों ने कैमूर के समस्त सवर्ण भाइयों से इस मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। नेताओं का कहना है कि  "यह केवल एक मार्च नहीं, बल्कि हमारे स्वाभिमान की लड़ाई है। समाज की आने वाली पीढ़ियों को इन अपमानजनक नीतियों से बचाने के लिए हमें एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी।"

रिपोर्टर

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