मां मुंडेश्वरी दर्शन में उमड़ा सैलाब अधिकारी हो या बुजुर्ग ,जनप्रतिनिधि सभी को पैदल चल कर करना पड़ा दर्शन
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Mar 28, 2026
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अनुमंडल संवाददाता सिंगासन सिंह यादव
भभुआ(कैमूर)-- अनुमंडल के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत रामगढ़ पंचायत स्थित पौरा पहाड़ी पर विराजमान मां मुंडेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने मां के दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो देर शाम तक जारी रहीं। भक्तों के उत्साह और आस्था के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ती नजर आई।
हालांकि, इस दौरान प्रशासन द्वारा एक सख्त व्यवस्था लागू की गई, जिसके तहत शाम के समय किसी भी बाहरी फोर व्हीलर वाहन को पहाड़ी पर ऊपर जाने की अनुमति नहीं दी गई। चाहे वह जनप्रतिनिधि हों, अधिकारी हों या बुजुर्ग श्रद्धालु—सभी को पैदल चलकर ही मां के दरबार तक पहुंचना पड़ा। इस निर्णय के कारण विशेष रूप से बुजुर्गों और असहाय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
एक ओर जहां मुंडेश्वरी धाम के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां करती है। वर्षों बीत जाने के बावजूद आज भी यहां तक पहुंचने के लिए मात्र एक ही संकरी सड़क उपलब्ध है। इस सड़क पर दो गाड़ियों के एक साथ गुजरने में भी परेशानी होती है, जिससे अक्सर घंटों लंबा जाम लग जाता है। ऐसी स्थिति में लाखों की भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए भी चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें दर्शन के लिए पहाड़ी पर पैदल चलना पड़ा, बावजूद इसके उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई। “मां का बुलावा था, इसलिए हर कठिनाई सहकर भी दर्शन किए,” एक श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा।
इस दौरान भगवानपुर थाना के थाना अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा अपनी टीम के साथ लगातार ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आए। वे श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने, भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तत्परता से जुटे रहे। उनकी सक्रियता और सेवा भावना की लोगों ने सराहना भी की।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ भक्तों की अटूट श्रद्धा ने इस आयोजन को सफल बनाया, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की कमी और अव्यवस्था ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आवश्यकता है कि प्रशासन और सरकार इस ओर गंभीरता से ध्यान दें, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


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