छुआछूत की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई, सत्ता लोलुप राजनीतिक पार्टियों सहित सहयोगी संगठनों द्वारा मनगढ़ंत कहानियां बना द्वेष फैलाने का किया जाता है कार्य

छुआछूत की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई,आर एस एस प्रमुख सहित अन्य को साक्ष्य सहित प्रमाणित करने पर दिया जाएगा- इनाम  

राष्ट्र में जातिवादी उन्माद भड़का राजनीतिक रोटियां सेंकने का कार्य 

जातिवादी मानसिकता के तहत लागू जातिगत कानूनों की वजह से राष्ट्र हो रहा छिन्न-भिन्न 

राष्ट्र में छूआछूत की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई का सत्ता लोलुप राजनीतिक पार्टियों सहित सहयोगी संगठनों व लाभार्थियों द्वारा प्रचारित किया जाता है। आपको बताते चलें कि राष्ट्र में, राष्ट्र के सत्ता लोलुप तथाकथित मुख्य नेतृत्व कर्ता सहित जनप्रतिनिधि, प्रत्याशी आये दिन खुलें मंच पर चुनावी सभाओं, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया पर खुलें तौर पर साक्षात्कार दें, राष्ट्र को भ्रमित कर रहे हैं जिससे राष्ट्र का युवा वर्ग भ्रमजाल में फंसा हुआ है, जिससे की द्वेष फैल रहा है। धर्म, जाति, लिंग व क्षेत्र के अनुसार लोग द्वेष मान,चंद लोभ में एक दूसरे के खुन के प्यासे हो जा रहे हैं जो चिंताजनक है।

सत्ता लोलुप जातिवादी मानसिकता के जातिवादी नेतृत्व कर्ताओं द्वारा जातिवादी कानूनों के तहत वर्ग विशेष को सुविधाएं प्रदान करने, व एक वर्ग को जाति के आधार पर सरकारी सुविधाओं से वंचित रख राष्ट्र में जातिवादी उन्माद को भड़काया जाना कहि से भी राष्ट्र हित मे नही है। यह आरोप लगाना की ब्राह्मणों ने जातियों बना हमें नीच बनाया, क्षत्रियों ने बल के घमंड पर सताया तो कायस्थ ने लेखनी से झटका दिया तो बनिया ने कुंडी मारा यह कहि से भी उचित नहीं है।

इनाम दिया जाएगा 

इस चेहरे को आप सभी जानते व पहचानते होंगे आर एस एस का प्रमुख मोहन भागवत है--

इन्होंने फरवरी 2023 में संत रविदास जयंती के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, की छुआछूत की जाती भगवान ने नहीं बल्कि ब्राह्मणों ने बनाई है।

क्या इसका साक्ष्य आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत सहित धरातल पर किसी विद्वान के पास वैदिक, पौराणिक, शास्त्रोक्त है?

आर एस एस सहित धरातल के बुद्धिजीवी वर्ग को 1489 से पहले छुआछूत की जाती चमार, 1658 से पहले छुआछूत की जाती दुसाध या इस्लामिक लूटेरों के आक्रमण से पहले छुआछूत की जाती भंगी,1871 से पहले छुआछूत की जाति मुसहर (भूईया) का उल्लेख है यदि, तो साक्ष्य सहित प्रमाणित करें, इनाम दिया जाएगा।

आरोप क्षत्रियों ने सताया जब सिकंदर लोदी द्वितीय के शासनकाल से पहले, तथाकथित छुआछूत की जाती (चमार) हां चंवर वंशी क्षत्रिय का उल्लेख मिलेगा जो छुआछूत की जाति नहीं इस वंश के अनेकों शासक हुए।औरंगजेब के शासनकाल से पहले, तथाकथित छुआछूत की जाती (दुसाध, पासी), हां गोहलीत वंशज क्षत्रिय का उल्लेख मिलेगा जो छुआछूत की जाती नही है, और आज भी कई प्रदेशों में क्षत्रिय के रूप में विराजमान हैं, और अनेकों शासक हुए। अंग्रेजी शासन 18- 19वीं सदी 1871से पहले, तथाकथित छुआछूत की जाती (मुसहर, भूईया), जो मूलरुप से छोटा नागपुर का पठार मुख्य रूप से झारखंड राज्य में स्थित है, जो पूर्वी भारत का एक प्रमुख पठारी क्षेत्र है, के निवासी अपने आप को मां सेवरी का वंशज मानते हैं, छुआछूत की जाती नही थी।उसके बाद वर्तमान समय मे लागू तथाकथित (अनुच्छेद में छेद) संविधान लागू है तो छुआछूत की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई कब और क्षत्रियों ने सताई किसे और कब?

साक्ष्य सहित प्रमाणित करें

 और यदि नहीं तो, यह क्यों न मान लिया जाए की मनगढ़ंत कहानियां बनाकर लोगों के बीच द्वेष फैलाने वाले आर एस एस प्रमुख सहित ऐसे साक्षात्कार देने वाले वेद शास्त्रों सहित इतिहास से अनभिज्ञ हैं, या राष्ट्र की जनता को मूर्ख बना, द्वेष फैला अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।जिसके वजह से समाज खंड-खंड तो हो ही रहा है, राष्ट्र की उन्नति में भी बाधक है।

साक्ष्य प्रस्तुत कर इनाम पाने के लिए संपर्क कर सकते हैं -- 9877187775 - 8809653203

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