नाबालिक के अपहरण व दुष्कर्म मामले में मिली जमानत

नाबालिग के मासूम और नाबालिग के मामले में मिली जमानत 


वाराणसी। नाबालिग किशोर का अपहरण कर उसके साथ नाबालिग होने के मामले में कोर्ट से बड़ी राहत मिली। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) पोटो पांडे की अदालत ने तारापुर, सिंधौरा के निवासी अपराधी राबिन यादव को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधकपत्र देने का आदेश दिया। कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से कट्टरपंथियों का पक्ष रखा गया। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने चोलापुर थाने में दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके 15 साल के एक लड़के राबिन यादव ने पिछले कई दिनों से स्कूल आकर समय-समय पर रोककर नौकरी छोड़ी थी और उसे ब्लैकमेल किया था और उसके फोन पर उसकी फोटो, वीडियो पोस्ट की थी। जिसे पूरे गांव में नासा ने भेजा और वह कहीं मुंह नहीं दिखाएगा। वादी मुकदमा की बेटी लोक-लाज के डर से किसी से कुछ नहीं कहा गया था, जिसकी वजह से राबिन यादव का मन काफी बढ़ गया। इसके बाद 14 मार्च 2026 को करीब 04.30 बजे शाम को करीब 04.30 बजे वादी की प्रेमिका को अपने साथ लेकर मुगल असामान (पीडीयू नगर), चंदौली और वहां किसी कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और असलहे के बल पर अपनी बेटी के साथ दो दिन तक की बातचीत और दोस्ती की बात अपने परिवार में किसी से भी शामिल हुई पूरे परिवार को गोली मारने की धमकी 15 मार्च 2026 को रात करीब 10.30 बजे भोजूबीर का पर्चा ठीक हो गया। उसकी बेटी किसी तरह घर पहुंची, लेकिन इतनी डरी हुई थी कि किसी से कुछ भी नहीं बता पा रही थी। बाद में 17 मार्च 2026 को कुछ सामान्य होने पर और परिवार के लोगों द्वारा की गई कमाई पर आप अपनी रिपोर्ट में बताई गई घटना से पूरे परिवार के लोग सन्न रह गए। राबिन यादव ने अपनी बेटी का जीवन बर्बाद कर दिया। इस मामले में पुलिस ने राबिन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट