₹3,854 करोड़ की मेगा परियोजना पर पहली बारिश में उठे सवाल, शिवसागर फ्लाईओवर की जलनिकासी व्यवस्था फेल
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jul 03, 2026
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रोहतास। देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल एनएच-19 के वाराणसी–औरंगाबाद सिक्स लेन परियोजना पर पहली ही तेज बारिश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार शाम हुई बारिश के दौरान शिवसागर फ्लाईओवर पर पानी जमा हो गया और निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी तेज धार बनाकर पुल से नीचे गिरने लगा। वहीं फ्लाईओवर के दोनों ओर बनी सर्विस लेन भी जलमग्न हो गई, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 192.4 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹3,854 करोड़ खर्च किए गए हैं। यह परियोजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (एनएचडीपी) के चरण-5 के तहत विकसित की गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की देखरेख में Welspun Enterprises Ltd. द्वारा इस परियोजना का निर्माण कार्य किया गया। परियोजना का उद्देश्य सुरक्षित, तेज और बाधारहित यातायात उपलब्ध कराना था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में सामने आई स्थिति ने निर्माण गुणवत्ता, जलनिकासी व्यवस्था और तकनीकी निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब हजारों करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक फ्लाईओवर बनाया गया है, तो पहली बारिश में ही पानी का इस तरह जमा होना और झरने की तरह नीचे गिरना बेहद चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), निर्माण एजेंसी Welspun Enterprises Ltd. तथा परियोजना की निगरानी करने वाले अभियंताओं की भूमिका की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में निर्माण कार्य, ड्रेनेज सिस्टम या गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी, जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स के ₹3,854 करोड़ खर्च होने के बावजूद यदि पहली ही बारिश में फ्लाईओवर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाए, तो यह केवल तकनीकी खामी नहीं बल्कि जवाबदेही का भी विषय है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करती हैं। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत कुमार वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


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