अंचल कार्यालयों में कार्यसंस्कृति सुधरे तो भूमि विवादों में आएगी कमी: बैरिस्टर सिंह।


संवाददाता पारसनाथ दुबे


 डेहरी रोहतास।जनता दल (यूनाइटेड) रोहतास के प्रवक्ता एवं अधिवक्ता बैरिस्टर सिंह ने कहा है कि यदि अंचलाधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करें तो भूमि विवादों से जूझ रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है।


उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। इसके कारण भूमि विवाद घटने के बजाय लगातार बढ़ रहे हैं।


बैरिस्टर सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ नए अंचलाधिकारियों को भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की पर्याप्त जानकारी नहीं है। जमाबंदी में छेड़छाड़ की शिकायतें आम हैं और परिमार्जन का कार्य भी संतोषजनक ढंग से नहीं हो रहा है। उनके अनुसार, अंचल स्तर पर समय रहते समस्याओं का समाधान न होना समझ से परे है।


उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक फोरम का गठन किया है। इसके तहत यदि निचले स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है तो लोग पटना जाकर अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकते हैं। यदि यह पाया जाता है कि संबंधित समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव था, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। इसके बावजूद निचले स्तर के कई सरकारी कर्मचारियों में जवाबदेही का अभाव दिखाई दे रहा है।


जदयू प्रवक्ता ने जिला पदाधिकारी, रोहतास से मांग की कि अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए प्रभावी पहल की जाए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज, भू-मापी, परिमार्जन तथा छोटे-छोटे भूमि विवादों का निस्तारण अंचल स्तर पर ही किया जा सकता है, बशर्ते कार्यालयों में जिम्मेदारी और कार्यसंस्कृति विकसित की जाए।


उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालयों में सुधार होने से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और भूमि विवादों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

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