बाढ़ में बंद होने वाली सड़कों पर बनेंगे पुल, पांच प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ

रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, पथ निर्माण विभाग की टीम के साथ विधायक ने किया स्थल निरीक्षण

संवाददाता पिंटु कुमार तिवारी की रिपोर्ट 

दुर्गावती(कैमूर)--------- रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ के दौरान आवागमन की समस्या झेलने वाले कई प्रमुख मार्गों के स्थायी समाधान की दिशा में पहल शुरू हो गई है। पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार की ओर से सड़कों के निर्माण एवं बाढ़ प्रभावित स्थानों पर पुल-पुलिया निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन कार्यों का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, एसडीओ एवं जेई के साथ संबंधित सड़कों और प्रस्तावित पुल निर्माण स्थलों का स्थल निरीक्षण किया गया।

रामगढ़-दुर्गावती मार्ग पर दो स्थानों पर बनेगा पुल

रामगढ़-दुर्गावती रोड (दुर्गावती-ककरैत पथ) में आदर्श नुआंव पशु मेला के समीप बने छलके पर बाढ़ के समय करीब 4 से 5 फीट पानी तेज धारा के साथ बहने लगता है। इससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। यह मार्ग बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क पथ भी है।

इसी सड़क पर चेहरियां बाजार के दक्षिण में भी बाढ़ के दौरान सड़क पर पानी जमा होने के कारण आवागमन प्रभावित होता है। दोनों स्थानों पर पुल निर्माण के लिए टेंडर जारी हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण के साथ दोनों स्थानों पर पुल का निर्माण कराया जाएगा।

सिसौड़ा-मुखरांव पथ पर गोरिया नदी में बनेगा पुल

सिसौड़ा-मुखरांव पथ पर गोरिया नदी के दोनों तरफ बने छलके पर बाढ़ के समय करीब 2 से 3 फीट पानी का तेज बहाव होने लगता है। इससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिसौड़ा-मुखरांव पथ के निर्माण के साथ गोरिया नदी के दोनों तरफ छलके पर पुलिया निर्माण के लिए भी टेंडर जारी किया गया है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होने की बात कही गई है।

इन सड़कों के पुनर्निर्माण का भी होगा कार्य

इसके अलावा रामगढ़-बड़ौरा पथ, एनएच-2 डिडखिली-घिनहुपट्टी-नुआंव रोड तथा पुराने जीटी रोड के डिडखिली बाजार वाले हिस्से के पुनर्निर्माण के लिए भी टेंडर जारी हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सड़कों पर भी निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

इन सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के पूरा होने से बाढ़ के दौरान लंबे समय तक बाधित रहने वाले आवागमन की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क मार्गों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट