29 लाख रुपये लेकर जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप न्याय के लिए भटक रहा राहुल राजभर का परिवार

 सुरेश कुमार शर्मा 

जौनपुर। जमीन खरीदने के नाम पर 29 लाख रुपये दिए जाने के बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री हुई और न ही रकम वापस मिलने का मामला सामने आया है। वाराणसी निवासी राहुल राजभर ने जौनपुर के जफराबाद क्षेत्र निवासी सैफ अली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है। कि अपनी मेहनत की कमाई वापस मांगने पर उन्हें। गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी जा रही है। अब इस मामले में पीड़ित ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

आरटीजीएस से दिए 29 लाख फिर भी नहीं हुई रजिस्ट्री

शिकायत के अनुसार वाराणसी जनपद के सिंधोरा थाना क्षेत्र के गरथरा गांव निवासी राहुल राजभर ने 4 अगस्त 2025 को जमीन खरीदने के लिए सैफ अली पुत्र मोहम्मद अहमद शाह को आरटीजीएस के माध्यम से 29 लाख रुपये दिए थे। राहुल का आरोप है। कि इतनी बड़ी रकम प्राप्त करने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। और रकम वापस मांगने पर उन्हें कथित रूप से धमकाया जाने लगा।

पीड़ित का दावा है। कि रुपये के लेनदेन से संबंधित बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठता है। कि यदि बैंकिंग माध्यम से इतनी बड़ी रकम का भुगतान हुआ है। तो पूरे लेनदेन और जमीन के समझौते की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने क्यों नहीं लाई जा रही है।

कथित AI फोटो को लेकर भी उठे सवाल

मामले में एक अन्य गंभीर आरोप AI तकनीक से तैयार कथित फोटो को लेकर है। राहुल राजभर के पक्ष का आरोप है। कि उनकी छवि को प्रभावित करने वाला AI से तैयार फोटो मीडिया तक पहुंचाया गया। इस प्रकरण में लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज होने की बात भी सामने आई है। हालांकि फोटो की वास्तविकता उसके निर्माण और प्रसारण में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस की तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

IGRS पर शिकायत अब प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

राहुल राजभर ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से पुलिस विभाग से पूरे मामले की जांच कराने कथित रूप से दिए गए 29 लाख रुपये वापस दिलाने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। 29 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध शिकायत विवरण में मामला लंबित दर्शाए जाने की बात कही गई है।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से पीड़ित की गुहार

अब सबसे बड़ा सवाल यह है। कि 29 लाख रुपये की इतनी बड़ी रकम के मामले में पीड़ित को न्याय कब मिलेगा। क्या संबंधित बैंक रिकॉर्ड आरटीजीएस ट्रांजेक्शन जमीन के दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों की गहनता से जांच कराई जाएगी। क्या कथित धमकी और AI से तैयार फोटो के मामले में भी निष्पक्ष कार्रवाई होगी।

पीड़ित राहुल राजभर की मांग है। कि जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जौनपुर मामले को संज्ञान में लेकर संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दें। साथ ही पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी रकम वापस दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

सवाल सिर्फ 29 लाख रुपये का नहीं। बल्कि न्याय और कानून पर आम नागरिक के भरोसे का भी है।किसी भी व्यक्ति को अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकना न पड़े। यही प्रशासन और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है।

फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। आरोपित सैफ अली का पक्ष भी प्राप्त नहीं हुआ है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

अब देखना यह है। कि जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है। और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की दिशा में क्या कार्रवाई होती है।

रिपोर्टर

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