स्टेशन पर ओवरब्रिज निर्माण में देरी: विकास की दोहरी तस्वीर के बीच ग्रामीण झेल रहे जान का जोखिम, अब तक 12 ने गंवाई जान

रिपोर्ट: अभिषेक तिवारी 


कर्मनाशा (कैमूर/बिहार):-- आजादी के दशकों बाद भी उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर बसे कर्मनाशा गांव और रेलवे स्टेशन के पास एक सुरक्षित ओवरब्रिज (पुल) न होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। एक तरफ जहां महज कुछ ही दूरी पर (खजरा व अन्य नजदीकी इलाकों में) दो-दो नए पुलों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, वहीं कर्मनाशा स्टेशन के पास राहगीरों और ग्रामीणों को आज भी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। स्थानीय दावों के मुताबिक, ओवरब्रिज के अभाव में ट्रेन की चपेट में आने से अब तक लगभग 10 से 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।

जनप्रतिनिधियों के वादे बनाम जमीनी हकीकत


इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पिछले कुछ वर्षों में दो से तीन बार बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन भी किया जा चुका है। हर बार आंदोलनों के बाद जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आश्वासन की घुट्टी पिलाई गई। वर्तमान में भी जनप्रतिनिधियों का दावा है कि कर्मनाशा स्टेशन पर ओवरब्रिज का निर्माण बहुत जल्द शुरू होने वाला है और इसकी कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हालांकि, जमीन पर अभी तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है, जिससे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है।

विकास की दोहरी नीति से ग्रामीण नाराज


ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और रेलवे की मंशा पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि बगल के खजरा आदि क्षेत्रों में बड़े-बड़े पुलों का काम धड़ल्ले से पूरा किया जा रहा है, लेकिन कर्मनाशा जैसे घनी आबादी वाले स्टेशन को नजरअंदाज किया जा रहा है।

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