रामपुर बीईओ ने उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमांव का किया औचक निरीक्षण, गणित की पढ़ाई पर जताई नाराजगी
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 05, 2026
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रामपुर (कैमूर) - प्रखंड विकास पदाधिकारी सह शिक्षा पदाधिकारी रामपुर ऋतुरंजन कुमार ने रविवार को उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमांव, प्रखंड रामपुर का औचक निरीक्षण किया।
शिक्षकों की उपस्थिति निरीक्षण के समय विद्यालय में कुल 10 पदस्थापित शिक्षकों में से 09 शिक्षक उपस्थित पाए गए तथा 01 शिक्षक आकस्मिक अवकाश में पाए गए।
छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नामांकित कुल 327 बच्चों में से 238 बच्चे उपस्थित पाए गए। चेतना सत्र एवं उपस्थिति पंजी का मिलान किया गया।
पठन-पाठन एवं शैक्षणिक गतिविधि कक्षाओं में पठन-पाठन की स्थिति का जायजा लिया गया। बच्चों का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक पाया गया। वर्ग 7 की छात्रा आरिसमा प्रवीण से भारत के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित सात राज्यों - असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा को संयुक्त रूप से सात बहनें (Seven Sisters) कहा जाता है, के बारे में पूछा गया तो उसने छात्रा के द्वारा सरलता एवं सुगमतापूर्वक प्रतिउत्तर दिया गया। ऐसे छात्र-छात्राओं को विद्यालय स्तर पर प्रोत्साहित एवं प्रशस्ति पत्र देने की आवश्यकता है।
वहीं निरीक्षण के दौरान गणित के शिक्षक याकिब आलम द्वारा वर्ग 7 एवं 8 में संयुक्त रूप से पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा था। कक्षा अवलोकन के क्रम में पाया गया कि शिक्षक द्वारा बच्चों को विषय-वस्तु (गणित) का अध्यापन संतोषजनक ढंग से नहीं कराया जा रहा था। बच्चों से गणित के सामान्य/मूलभूत प्रश्नों को हल करने को कहा गया, जिसमें अधिकांश बच्चे उत्तर देने में असमर्थ रहे। इनके द्वारा गृह-कार्य का मूल्यांकन भी नहीं किया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक द्वारा नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य नहीं कराया जा रहा है। उक्त शिक्षक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण देने का निर्देश दिया गया।
मध्याह्न भोजन योजना निरीक्षण के समय मध्याह्न भोजन के स्वच्छता का निरीक्षण किया गया। रसोईघर एवं खाद्यान्न भंडारण स्थल को स्वच्छ रखने का निर्देश दिया गया।
विद्यालय परिसर एवं मूलभूत सुविधाएं - विद्यालय परिसर, पेयजल सुविधा एवं शौचालय/मूत्रालय की साफ-सफाई की जांच की गई।
निर्देश एवं अनुशंसा -प्रभारी प्रधानाध्यापक को विद्यालय में शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


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