कमांड एंड कंट्रोल के जांच के बाद दोषी शिक्षक पर अभी तक नहीं हो पाई कार्रवाई

अनुमंडल संवाददाता सिगासन सिंह यादव की रिपोर्ट 

भभुआं (कैमूर)-- अनुमंडल के भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय सरैया में शिक्षक राजीव कुमार पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर दर्ज कंप्लेंन में विद्यालय के शिक्षक राजीव कुमार द्वारा स्कूल का माहौल खराब किया जा रहा था की जांच 28 में 2025 को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा की गई। जिसमें उन पर स्कूल के छात्र-छात्राओं से अपना बर्तन धुलवाने,पानी मंगवाने ,वर्ग कक्ष में आने के बाद पढाते समय कुर्सी पर सो जाने, बच्चों से सर दबवाने, वर्ग कक्ष में मोबाइल चलाने ,जैसे कई संगीन आरोप जांच रिपोर्ट में सही पाया गया। इसकी जानकारी खुद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भगवानपुर ने बच्चों से  वर्ग कक्ष में पूछा और कुछ अभिभावकों ने भी पुष्टि किया जिसका रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया । गंभीर आरोप लगने के बाद भी उक्त शिक्षक पर कार्रवाई नहीं की गई जो कमांड एंड कंट्रोल विभाग का घोर उल्लंघन हो रहा है ,जबकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी ने तीन दिनों के अंदर उक्त शिक्षक से जवाब तलब किया गया और जवाब नहीं देने पर निलंबन की बात कही गई ।लेकिन आज 13  दिन हो गया फिर भी जिला शिक्षा प्राधिकारी अक्षय कुमार पांडे से जानकारी लिया गया तो उन्होंने कहा कि सो काज किया जा रहा है,नाम लेते हैं उन्होंने कहा कि हम उस शिक्षक को जान रहे हैं ,जो होगा हम जांच कमेटी बना दे रहे हैं, जबकि रिपोर्टर ने बताया कि यह सो काज और जांच का प्रतिवेदन आपको मिला हुआ है तो उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया फिर भी आप उन्हें बचा रहे हैं अर्थात कहीं ना कहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी का शिक्षक के साथ मैनेज किया नजर आ रहा है ।जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी इस दोनों काफी चर्चा में है जो लगातार शिक्षकों को निलंबन की कार्रवाई कर रहे हैं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भी निलंबन कर रहे हैं किसी से एक दो बार सो काज भी करके निलंबन कर रहे हैं ।लेकिन उक्त शिक्षक को जवाब नहीं देने के आरोप में भी निलंबन नहीं किया जा रहा है, तो इससे शिक्षा का माहौल खराब हो रहा है और शिक्षकों का मनोबल बढ़ रहा है ।आपको बताते चलें कि राजीव कुमार शिक्षक इससे पहले भगवानपुर प्रखंड के खीरी विद्यालय में पढ़ाते थे वहां भी इसी तरह का विवाद और चर्चा का विषय में बने रहते थे जिससे वहां से उन्हें ट्रांसफर कर मध्य विद्यालय सरैया में भेज दिया गया और वहां पर भी अपनी मनमानी करना ,बच्चों को शिक्षा से दूर रखना, सरकार को बदनाम करना, स्कूल का माहौल खराब करना, प्रधानाध्यापक की बात ना मानना आदि कई तरह के आरोप उनपर होता रहा फिर भी जिला शिक्षा पदाधिकारी उनको बचाने का प्रयास क्यों कर रहे हैं ?? ऐसे में शिक्षकों का माहौल और शिक्षा की बदनामी होती रहेगी

रिपोर्टर

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