ग्रामीणों ने अवैध कब्जा हटाने और मूल मालिकों को हस्तांतरित कराने की उठाई मांग


रोहतास।जिला मुख्यालय स्थित सासाराम अंचल के धनपुरवा रेलवे गुमटी के पास स्थित लंबे समय से विवादित पड़ी खाता संख्या 193 (डेहरी रोहतास लाइट रेलवे लिमिटेड) की भूमि को लेकर ग्रामीणों और प्लॉट में बने आवास में निवास कर रहे के बीच टकराव तेज हो गया है। रविवार को ग्रामीणों ने विवादित क्षेत्र स्थित मंदिर में प्रेस कांफ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। ग्रामीणों का पक्ष रखते हुए रितेश कुमार ने कहा कि वैध दावेदारों को भूमि हस्तांतरित कराने को लेकर चरणबद्ध संघर्ष चल रहा है। जिला प्रशासन से अवैध निर्माण पर रोक, फर्जी दस्तावेज रद्द करने और भूमि से अतिक्रमण हटाकर मूल मालिकों को हस्तांतरित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। 

उन्होंने कहा कि करीब 6.27 एकड़ भूमि और 3 बीघा 12 धूर जमीन उनके पूर्वजों की है, जिसे वर्षों पहले डेहरी रोहतास लाइट रेलवे लिमिटेड को वार्षिक किराया और रॉयल्टी के आधार पर पट्टे पर दिया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन न तो कभी बेची गई और न ही ट्रांसफर की गई, फिर भी आज कुछ बाहरी व्यक्ति फर्जी एमओए और सुधार पर्ची दिखाकर उसपर अवैध निर्माण कर रहे हैं।

आगे बताया कि इस भूमि से संबंधित भूमि न्यायालय मामला संख्या 9/88 में पूर्व में ही सभी कागजात को फर्जी घोषित किया जा चुका है, फिर भी अवैध निर्माण रोका नहीं जा रहा। बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम सिंह, जोगेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, दीपक कुमार, सुजीत कुमार, कृष्ण कुमार, सिपाही सिंह, रामजी सिंह, देवनंदन प्रसाद सिंह, धनंजय सिंह, भोला सिंह, वकील सिंह, रविकांत सिंह, उपेंद्र कुमार और रविंद्र कुमार सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे जिन्होंने रितेश कुमार का समर्थन किया।


ग्रामीणों की प्रमुख मांगें निम्न हैं-

 डेहरी रोहतास लाइट रेलवे लिमिटेड को पट्टे पर दी गई भूमि से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं।सभी विवादित सुधार पर्चियों, फर्जी नक्शों और संपत्ति आईडी को रद्द किया जाए।बिहार राजपत्र संख्या 44 (नया), दिनांक 28 मार्च 1988 के अनुसार भूमि की वापसी सुनिश्चित की जाए।दोषी अधिकारियों और भूमि माफियाओं पर कानूनी कार्रवाई हो। विवादित दस्तावेजों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट