किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में आरोपी को बीस वर्षों का सश्रम कारावास
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jun 17, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दूबे की रिपोर्ट
कैमूर--- पुलिस के स्पीडी ट्रायल अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कैमूर द्वारा मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कैमूर जिला पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश एडीजे-06 प्रमोद कुमार पाण्डेय की अदालत ने दुर्गावती थाना कांड संख्या 385/24 में आरोपी शंकर कुमार, पिता मिठु राम, निवासी दहिऑव थाना दुर्गावती को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 11 दिसंबर 2024 को 14 वर्षीय पीड़िता अपने चाचा के खेत की मेड़ पर बकरी चरा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुसंधान पूरा कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
स्पीडी ट्रायल के दौरान कैमूर जिला पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक शशिभूषण पाण्डेय ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से सात साक्षियों एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4(1) के तहत दोषी करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कैमूर पुलिस ने इसे स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।


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