राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा मनाया गया संघ शताब्दी वर्ष
- रामजी गुप्ता, सहायक संपादक बिहार
- Sep 27, 2025
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रामगढ़ ।। सरस्वती शिशु मंदिर बंदीपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कैमुर -रामगढ द्वारा संघ शताब्दी वर्ष की यात्रा में गणवेश आधारित विजयादशमी उत्सव सह शस्त्र पूजन कार्यक्रम कौशल एवं कुशलता के साथ सम्पन्न हो गया जिसके मुख्य वक्ता श्री राजन पान्डे जी प्रांत शारीरिक प्रमुख दक्षिण बिहार रहे । अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष पूर्णाहुति की बेला में कोई आनंद और उल्लास मनाने का उपक्रम नहीं कर रहा और न ही कोई बड़े बड़े कार्यक्रम कर रहा है बल्कि छोटे छोटे कार्यक्रमो के माध्यम से लोगों के बीच जाकर समाज को जगा रहा है। नगरों में बस्ती बस्ती तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल स्तर पर शस्त्र और शास्त्र की महत्ता उजागर कर रहा है,इस दिशा में यह पहला कार्यक्रम देश भर में हो रहा है।अब संघ व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण की ओर अग्रसर हो रहा है।ऐसा नहीं है कि गत 100 वर्षों में व्यक्ति निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है वरन यह कार्य तो अनवरत आगे भी चलता ही रहेगा पर अब यही तक स्थिर न रहकर समाज परिवर्तन हेतु पंच परिवर्तन अर्थात पांच विषयों के साथ ( कुटुम्ब प्रबोधन, समाजिक समरसता, पर्यावरण,स्वबोध एवं नागरिक कर्तव्य)संघ आगे बढ़ रहा है।इस क्रम में श्री राजन जी ने यह भी बताया कि संघ सदा सर्वदा के लिए स्थापित नहीं हुआ था,1925 में संघ स्थापना के समय देश स्वाधीन नहीं हुआ था इस कारण एक तरफ जहां देश कि स्वाधीनता देश कि पहली जरूरत थी वहीं दूसरी तरफ देश पुनः इस दशा को प्राप्त न हो यानी पुनः पराधीन न हो यह दूसरी और महत्वपूर्ण जरूरत थी जिस कारण संघ स्थापित हुआ।समय के साथ देश प्रेमियों के तप त्याग व बलिदान से देश स्वाधीन तो हुआ पर पूर्ण स्वाधीनता अधुरी रह गयी , हमारे सपने जो पुरखो ने देखा था अधूरे रह गए जिसे हमने गीतों में जिंदा रखा " हो गए हैं स्वप्न सब साकार कैसे मान लें हम? टल गया सर से व्यथा का भार कैसे मान लें हम ?वस्तुत: हिन्दू समाज जब तक स्वभाषा, संस्कृति, स्वधर्म, स्वराष्ट्र,अपने गौरवपूर्ण इतिहास, आस्था के केंद्र, पुरखों का स्वाभिमान व अपने हितों के साथ खड़ा नहीं हो जाता तब तक संघ अपना कार्य सतत करता रहेगा किंतु जिस दिन संघ और समाज के विचारों में मेल हो जाएगा उसी दिन संघ की प्रासंगिकता स्वत: समाप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर गणवेश धारी स्वयंसेवको के साथ समाज के नागरिक सज्जन और मातृशक्ति भी उपस्थिति रही , कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक अनुप सिंह सामुहिक गीत दिलीप खरवार , व्यक्तिगत गीत धीरज सिंह तथा विरेन्द्र तिवारी जिला कार्यवाह ओमप्रकाश , श्री चंद्रशेखर , रामचंद्र ,प्राधानाचार्य राजीव रंजन इत्यादि सभी स्वयंसेवक उपस्थिति रहे।


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