डीएम के आदेश की अवहेलना का आरोप, ईओ और प्रधान लिपिक की 'जुगलबंदी' पर उठे सवाल
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jan 06, 2026
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वार्ड पार्षद ने लगाया भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का आरोप, जिलाधिकारी से की निष्पक्ष जांच की मांग
जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट
कैमूर-- जिले के भभुआ नगर परिषद में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) संजय उपाध्याय और प्रधान लिपिक जय प्रकाश तिवारी के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए वार्ड संख्या 24 के पार्षद परमानंद केशरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद का कहना है कि कार्यपालक पदाधिकारी न केवल अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, बल्कि जिलाधिकारी (DM) के आदेशों की भी सरेआम अवहेलना कर रहे हैं। वार्ड पार्षद परमानंद केशरी ने जिलाधिकारी को सौंपे अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि नगर परिषद के प्रधान लिपिक जय प्रकाश तिवारी इस पद के लिए अयोग्य हैं, फिर भी वे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। पार्षद का दावा है कि कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय और प्रधान लिपिक आपस में रिश्तेदार हैं, इसी कारण तमाम शिकायतों के बावजूद ईओ उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि आपसी साठगांठ के कारण नगर परिषद की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
पार्षद ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने कैमूर जिलाधिकारी को एक नहीं बल्कि दो-दो बार लिखित आवेदन दिया है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई है। पार्षद का कहना है कि अधिकारियों की इस चुप्पी से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और जनता के विकास कार्यों में बाधा आ रही है। परमानंद केशरी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अयोग्य लिपिक को पद से नहीं हटाया गया और कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी पर रोक नहीं लगी, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मामले में जब नगर परिषद के अधिकारियों का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो फिलहाल उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी इस गंभीर शिकायत पर क्या संज्ञान लेते हैं।


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