कैमूर में 'गांधीगीरी' से सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था: बिना हेलमेट चालकों को पुलिस ने थमाया गुलाब, चालान की जगह दी सुरक्षा की सीख

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत भभुआ और मोहनिया में चला 'रोको-टोको' अभियान

जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट 

कैमूर-- जिले की सड़कों पर शुक्रवार को नजारा कुछ बदला-बदला सा था। आम तौर पर पुलिस को देखकर रास्ता बदलने वाले बिना हेलमेट बाइक सवार उस वक्त हैरान रह गए, जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें डंडा दिखाने या चालान काटने के बजाय मुस्कुराकर गुलाब का फूल भेंट किया। 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026' के तहत जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह अनोखा 'मानवतावादी' रुख अपनाया है।

भभुआ और मोहनिया के प्रमुख चौक-चौराहों पर चलाए गए इस 'रोको-टोको' अभियान का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें उनकी सुरक्षा का अहसास कराना था। अभियान के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों और पुलिस बल ने उन दोपहिया वाहन चालकों को रोका जो बिना हेलमेट के सफर कर रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें गुलाब देकर यह शपथ दिलाई कि वे भविष्य में बिना हेलमेट के घर से बाहर नहीं निकलेंगे।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने वाहन चालकों को समझाते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण सिर में लगने वाली गंभीर चोट होती है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हेलमेट किसी पुलिसिया कार्रवाई या दंड से बचने के लिए नहीं, बल्कि आपके स्वयं के जीवन और आपके परिवार की खुशियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।" एक साधारण हेलमेट किसी भी बड़ी अनहोनी को टालने में सक्षम है।

कैमूर जिले में 1 जनवरी से शुरू हुआ यह सड़क सुरक्षा माह 31 जनवरी तक चलेगा। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जिले में हेलमेट पहनने वालों की संख्या में सकारात्मक वृद्धि देखी गई है। अब विभाग का लक्ष्य जिले में 100% हेलमेट कवरेज सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में पूरे महीने पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से गांव-गांव तक जागरूकता फैलाई जा रही है।

जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), कैमूर ने इस अभियान पर जानकारी देते हुए कहा—

"हमारा उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना या राजस्व जुटाना नहीं है, बल्कि लोगों की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाना है। सड़क पर आपकी सुरक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक हर व्यक्ति इसे अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, अभियान सफल नहीं होगा।"

जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन केवल किसी विशेष अभियान के दौरान ही नहीं, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन न करें और 'ड्रिंक एंड ड्राइव' (नशे में वाहन चलाना) जैसी घातक आदतों से बचें। इन छोटे बदलावों से ही कैमूर की सड़कों को सुरक्षित और दुर्घटना मुक्त बनाया जा सकता है।

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